गाजा: गाजा में जारी त्रासदी के बीच खान यूनिस से एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसने लोगों की आंखें नम कर दी हैं। रविवार दोपहर एक पुलिस चौकी पर हुए इजरायली हमले के बाद मलबे के बीच राहत और बचाव का काम कर रहे एक फिलिस्तीनी व्यक्ति ने एक ऐसा पल देखा, जिसे वह शायद कभी भूल नहीं पाएगा। वह हमले के बाद घायल और मृत लोगों की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसे मुस्तफा अदवान का मोबाइल फोन मिला, जिनकी इस हमले में जान चली गयी थी। मलबे और तबाही के उस मंजर के बीच फोन लगातार बज रहा था। हर बार स्क्रीन पर सिर्फ एक ही शब्द दिखाई देता था— “Mom” (मां)।
उसने बताया कि वह कॉल उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। उसे एहसास था कि दूसरी तरफ एक मां होगी, जो अपने बेटे की आवाज सुनने या कम से कम उसकी खैरियत की खबर पाने की उम्मीद में बार-बार फोन कर रही है। लेकिन फोन की घंटी लगातार बजती रही और आखिरकार उसने कॉल रिसीव कर ली। उस पल ने उसके अपने जख्म भी ताजा कर दिए। उसने बताया कि उसे अपनी पत्नी और बेटी की मौत का दर्द याद आने लगा, वह सदमा और वह खालीपन फिर से उसकी आंखों के सामने आ खड़ा हुआ। यही वजह थी कि उसके लिए उस मां को सच्चाई बताना बेहद मुश्किल हो गया।
उसके मुताबिक, उसने जितना संभव हो सका, मां को तसल्ली देने की कोशिश की। लेकिन मां के बार-बार पूछे गए सवाल, बेटे के बारे में जानने की बेचैनी और उसकी आवाज में झलकती उम्मीद ने उस बातचीत को असहनीय बना दिया। आखिरकार वह खुद को संभाल नहीं सका और कॉल कट कर दी।
यह घटना गाजा में जारी उस मानवीय पीड़ा की एक झलक है, जहां हर दिन कई परिवार बिछड़ने का दर्द झेल रहे हैं। अपने बयान के अंत में उस व्यक्ति ने मुस्तफा अदवान और इजरायली हमलों में शहीद हुए सभी लोगों के लिए दुआ की तथा उन माताओं और परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की, जो हर दिन अपने प्रियजनों को खो
