नई दिल्ली: भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा देने की वजह साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि यह फैसला किसी वैचारिक मतभेद की वजह से नहीं, बल्कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते लिया गया।
पूनावाला के मुताबिक, वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। पार्टी के लिए लगातार काम करने के कारण उनके पास कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं था। अब तक वह अपनी जमा-पूंजी से घर चला रहे थे, लेकिन वह पैसा खत्म हो गया। इसके बाद घर का किराया और रोजमर्रा के खर्च संभालना मुश्किल होने लगा।
इसके साथ ही उनकी मां के एक्सीडेंट के बाद उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ गई। वह परिवार को समय देना चाहते हैं और एक बेटे के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाना चाहते हैं। इन्हीं वजहों से उन्होंने 30 जुलाई को इस्तीफा दिया, जिसे बातचीत के बाद स्वीकार कर लिया गया।
पूनावाला ने साफ किया कि उन्होंने बीजेपी छोड़ी है, लेकिन उसकी विचारधारा नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया और कहा कि पार्टी से अलग होने के बावजूद उनकी राजनीतिक सोच में बदलाव नहीं आया है।
अब आगे क्या करेंगे? इस पर उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले वह कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर चुके हैं और अब फिर निजी क्षेत्र में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि घर चलाने के लिए कमाई जरूरी है और वह वही काम करेंगे, जिसमें उन्हें अनुभव है।
पार्टी से बाहर आने के बाद वह खुद को एक स्वतंत्र नागरिक और राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर भी सक्रिय रखेंगे। वह मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी बात खुलकर रखने की बात कह चुके हैं।
पूनावाला ने बीजेपी को युवाओं तक पहुंचने के लिए उनकी भाषा, लिंगो और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा प्रभावी ढंग से अपनाने की सलाह भी दी। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पहले से बड़े बहुमत के साथ जीत की हैट्रिक लगाएगी।
