नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग में ‘एंटी-रैगिंग वीक’ के तहत सोमवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण और रैगिंग-मुक्त वातावरण बनाना रहा। इसमें नवागंतुक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार सहित विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने नए छात्रों का स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक कैंपस माहौल का भरोसा दिलाया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष और शिक्षकों ने कहा कि रैगिंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने नए विद्यार्थियों से बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

जागरूकता कार्यक्रम के तहत छात्रों और शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में रैली भी निकाली। विद्यार्थियों ने हाथों में एंटी-रैगिंग संदेशों वाली तख्तियां और बैनर लेकर “रैगिंग एक अपराध है” और “सुरक्षित कैंपस, समृद्ध भविष्य” जैसे नारों के जरिए रैगिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाई।
कार्यक्रम के संयोजक एवं हिंदी समिति के सलाहकार डॉ. हैदर अली ने कहा कि आयोजन के माध्यम से हिंदी विभाग ने यह संदेश दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र समुदाय मिलकर ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां हर नया विद्यार्थी खुद को सुरक्षित, सम्मानित और सहज महसूस करे।

कार्यक्रम में प्रो. हेमलता महिश्वर, प्रो. इंदु वीरेंद्रा, डॉ. नूरुद्दीन परवेज, डॉ. मनीष तोमर, डॉ. अब्दुल हाशिम तथा विभागीय सहायक जुहैब शबाब, मोहम्मद साबिर और राशिद सैफी सहित अन्य शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
