नरेंद्र मोदी की राजनीति का असली आधार क्या है? सत्ता, समाज और लोकतंत्र पर एक दृष्टिकोण

(प्रशांत टंडन)

कौन हैं नरेंद्र मोदी?

राहुल गांधी मोदी को कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम कहते हैं. क्या मोदी ट्रंप, नेतन्याहू या कॉर्पोरेट की कठपुतली हैं? कुछ हद ये बात सही हो सकती है लेकिन ये पूरा सच नहीं है.

मोदी दरअसल जातिवादी हिंदू (सवर्ण समाज) की कठपुतली हैं. इनका असली मिशन दलित पिछड़ों और आदिवासी को मेनस्ट्रीम में आने से रोकना है. मुसलमान से नफ़रत, मुस्लिम और ईसाई के ख़िलाफ हिंसा रणनीति का हिस्सा है. 12 साल से मोदी देश कैसा चला रहे हैं सबके सामने है. बाकी बाते तो जाने दीजिये रोजगार और अर्थव्यवस्था पर अपने वादे पूरे नहीं कर पाये और भविष्य में भी नहीं कर पाएंगे. विदेश नीति का इतना बुरा हाल कभी नहीं था, विदेश दौरों में मज़ाक उड़ता है मूर्खतापूर्ण हरकतों और ऊटपटांग बयानों से. अमरीका बताता है कि तेल किससे और कब तक खरीदना है, कौन विदेशी राष्ट्रपति\प्रधानमंत्री कब भारत आयेगा इसकी घोषणा भी अमेरिका करता है. डेमोक्रेटिक्ट इंस्टीट्यूशंस आखिरी सांसे ले रहे हैं.

इन सबके बावजूद मोदी कैसे कुर्सी पर बने हुए हैं.

असली कारण क्या है?

2010 तक संकेत मिल गये थे एक वंचित वर्ग जिसमें मुसलमान भी शामिल है का एक मज़बूत मिडिल क्लास उभर रहा है. बाजारवाद आधारित आर्थिक नीति को अचानक नई स्किल्स के बहुत से लोगों की ज़रूरत पड़ी. बाज़ार को महानगरों से छोटे शहरों तक जाना इसकी मजबूरी थी. इस जरूरत को सैकड़ों साल से व्यवस्था में कुंडली मारे बैठे को सवर्ण समाज नहीं भर सकता था. जिन्हें हाशिये पर रखा गया था उन्हें मौके मिले, अब उनकी दूसरी पीढ़ी पढ़लिख कर आगे चुकी है. जातिवादी हिंदू को इसी नये मिडिल क्लास से डर लग रहा है. उसके दिमाग में बैठ गया है कि संवैधानिक लोकतंत्र उसके हित में नहीं है, उसे अपना वर्चस्व कायम रखने के लिये नॉर्थ कोरिया जैसी टोकन डेमोक्रेसी चाहिये. सिस्टम में बैठे हर जातिवादी हिंदू की समझ भी यही है चाहे वो सुप्रीम कोर्ट में बैठा है या ब्यूरोक्रेसी में.

भारत से संवैधानिक लोकतंत्र को खत्म करने का काम इस समाज ने नरेंद्र मोदी को दिया है. इसी समाज ने अपना मीडिया, चुनाव आयोग, ब्यूरोक्रेसी, सुप्रीमकोर्ट सब कुछ मोदी के हवाले कर दिया ताकि इस मिशन में कोई रुकावट न आये. सेक्युलर की खाल ओढ़े कुछ जातिवाद हिंदू भी मोदी के साथ शुरू से रहे हैं. मोदी की तमाम मूर्खताओं की रंगाई पुताई का काम तो ये करते ही हैं इनका मुख्य काम सेक्यूपल खेमे में रह कर विपक्ष को कमज़ोर करना है. रामचंद्र गुहा लगातार राहुल गांधी पर हमला करते है तो शेखर गुप्ता बता रहे हैं कि कैसे कांग्रेस देश में वन पार्टी सिस्टम में मदद कर रही है.

क्या मोदी सवर्णों के दिये मिशन को पूरा कर पायेंगे? इसका उत्तर है नहीं. अब बहुत देर हो चुकी है. देश\समाज का पूरा सिस्टम बदल रहा है. नये मिडिल क्लास की व्हाइट कॉलर पीढ़ी आ चुकी है. बहुत जल्द हम हर उस जगह नये लोग देखेंगे जहां पब्लिक ओपिनियन का निर्माण होता है. पुराने लोग जा रहे हैं और नये समाज का निर्माण करने एक नई खेप आ रही है.

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