सोशल मीडिया पर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी दी है। वायरल वीडियो में उन्हें कथित तौर पर पेपर लीक से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है।
वायरल वीडियो में धर्मेंद्र प्रधान के नाम से कथित तौर पर कहा जा रहा है, “मोदी जी मैं आपको अवगत करना चाहता हूं की आपने मुझसे त्यागपत्र तो ले लिया है परंतु यह त्यागपत्र मेरा नहीं बल्कि आपकी मोदी सरकार का है. क्या आपको ज्ञात नहीं की राजनाथ सिंह की पुत्री इसी प्रश्न पत्र लिख के कारण चिकित्सक बनी है ? क्या आप विस्मृत कर चुके हैं के पियीयूष अग्रवाल इसी प्रश्न पत्र लीक के माध्यम से उत्तीर्ण हुआ? क्या यही प्रश्न पत्र मुझसे मंगवाकर अपने अंबानी अदानी परिवारों को सौंपे थे? यदि मेरा पतन हुआ तो मैं आप सभी का पाटन सुनिश्चित करूंगा. मैं मौन धारण नहीं करूंगा अब अंबानी और अदानी का पर्दा होगा. आपको प्रतीत होता है की मुझे निष्कासित करके यह खेल समाप्त हो जा जाएगा. परंतु खेल तो अभी आरम्भ हुआ है. केवल प्रतीक्षा करे और देखे।”

इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर The Whistle Blower ने भी शेयर किया। पोस्ट में दावा किया गया कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए चेतावनी भरा संदेश जारी किया है।
पोस्ट में लिखा गया, “ब्रेकिंग पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र परधान ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए चेतावनी भरा संदेश जारी किया, “मोदी, मैं अंबारी और आडवाणी परिवार के उन सभी छात्रों के नाम लूंगा जिनके लिए आपने मुझसे पेपर लीक करवाए। आपको भुगतना पड़ेगा।”
फैक्ट चेक
Times Headline ने वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की और वीडियो के अलग-अलग कीफ्रेम निकालकर रिवर्स इमेज सर्च किया। जांच के दौरान हमें वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक मूल वीडियो X (पूर्व ट्विटर) पर मिला। यह वीडियो 18 जून 2026 को धर्मेंद्र प्रधान के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया था।

वीडियो के साथ उन्होंने ओड़िया भाषा में कैप्शन लिखा था, जिसमें ‘शीतला शासबष्ठी’ को ओड़िया संस्कृति की अनोखी गरिमा और भावनात्मक पहचान बताया गया था।
इसके बाद वीडियो से जुड़ी अन्य जानकारी की तलाश की गई। इस दौरान ओड़िया भाषा के न्यूज पोर्टल The Prameya की 18 जून 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट की हेडलाइन में ‘शीतला शताब्दी’ को आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अनोखा संगम बताते हुए कहा गया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हर-पार्वती के विवाह के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं।

रिपोर्ट में बताया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने ‘पवित्र ज़िधल राशबष्टि’ के अवसर पर एक वीडियो संदेश जारी किया था। ओडिशा के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व के मौके पर जारी इस संदेश में उन्होंने ओडिशा के लोगों, विशेषकर संबलपुर के शिक्षकों, माताओं, बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं दी थीं।

AI की मदद से बदली गई आवाज?
वायरल वीडियो में सुनाई दे रही आवाज की भी Times Headline ने AI डिटेक्शन टूल्स के जरिए जांच की। Hive Detect AI पर किए गए परीक्षण में वीडियो के पूरी तरह AI जनरेटेड होने की संभावना 3 प्रतिशत बताई गई, जबकि वीडियो में AI-जनरेटेड स्पीच होने की संभावना 99.1 प्रतिशत सामने आई।

इसके अलावा AI Video Check टूल से जांच करने पर वायरल वीडियो के AI जनरेटेड होने की संभावना 91.7 प्रतिशत पाई गई।

वहीं, Detect Video AI टूल के जरिए की गई जांच में भी वीडियो के AI जनरेटेड होने की संभावना 60 प्रतिशत सामने आई।

हालांकि, केवल AI डिटेक्टर टूल्स के परिणामों को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसलिए वीडियो के मूल स्रोत और उसमें मौजूद आवाज की स्वतंत्र जांच भी जरूरी थी।
इस संबंध में Times Headline ने IT विशेषज्ञ मयंक शर्मा से भी बात की। उन्होंने वायरल वीडियो की आवाज को लेकर कहा कि यह प्राकृतिक नहीं लगती। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि वायरल वीडियो में AI की मदद से फर्जी आवाज जोड़ी गई है।
निष्कर्ष
Times Headline की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक पाया गया। उपलब्ध मूल वीडियो और उससे संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पेपर लीक मामले में धमकी देते हुए ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा भ्रामक है।
