राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को वर्ष 2026 का लोकमान्य तिलक पुरस्कार दिया जाएगा। तिलक स्मारक ट्रस्ट ने उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
पुरस्कार समारोह 1 अगस्त को पुणे के गुलटेकड़ी क्षेत्र स्थित महाराष्ट्रीय मंडल मैदान में आयोजित होगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समारोह में अजीत डोभाल को पुरस्कार प्रदान करेंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा पवार के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
अजीत डोभाल ने अपने लंबे करियर के दौरान देश के कई संवेदनशील इलाकों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। मिजोरम, पंजाब, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर में उनकी भूमिका रही है। इसके अलावा इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में भी उन्होंने राजनयिक जिम्मेदारियां निभाईं। भारत-चीन सीमा वार्ता में वे भारत के विशेष प्रतिनिधि रहे हैं और डोकलाम संकट के दौरान उनकी कूटनीतिक भूमिका को भी अहम माना गया।
तिलक स्मारक ट्रस्ट के अनुसार, भारतीय खुफिया तंत्र और सुरक्षा रणनीति को मजबूत करने में डोभाल के योगदान को भी पुरस्कार के लिए उनके चयन का प्रमुख आधार माना गया है।
लोकमान्य तिलक पुरस्कार की शुरुआत 1983 में तिलक स्मारक ट्रस्ट, पुणे ने की थी। यह सम्मान देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को दिया जाता है। राजनीति, विज्ञान, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र, प्रशासन, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को यह पुरस्कार मिल चुका है।
इस सम्मान से जुड़ी खास बात यह है कि पिछले वर्षों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, सोनिया गांधी और शरद पवार जैसी राजनीतिक हस्तियों के अलावा वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी यह पुरस्कार दिया गया है।
ऐसे में अजीत डोभाल को 2026 का लोकमान्य तिलक पुरस्कार दिया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने के तौर पर देखा जा रहा है। यह पुरस्कार उन लोगों को पहचान देने की परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिन्होंने अपने काम के जरिए देश के विकास और राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
