लम्बे समय से सभ्यताओं के संगम के रूप में पहचाना जाने वाला सीरिया आज अपने इतिहास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है.
सीरिया में वर्षों के युद्ध, हिंसा और विस्थापन के निशान आज भी स्पष्ट दिखाई देते हैं. अनेक समुदायों ने अपने प्रियजन खोए हैं और लम्बे समय तक भय व असुरक्षा का सामना किया है.
लेकिन इस तबाही के बीच बेहतर भविष्य की उम्मीद भी बनी हुई है – सुरक्षा, सभ्य कामकाज, सुचारु स्कूल एवं अस्पताल, और ऐसा समाज जहाँ हर व्यक्ति को लगे कि देश के भविष्य में उसकी भी जगह है.
दमिश्क की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सीरिया की इन दोनों वास्तविकताओं को क़रीब से देखा.
उन्होंने कुख्यात सैदनाया जेल का दौरा किया, जहाँ युद्ध के दौरान हज़ारों लोगों को यातनाएँ दी गईं और उनकी हत्या कर दी गई. उन्होंने पीड़ितों के भय व यातना के अनुभव सुने और सीरिया के विभिन्न समुदायों, नागरिक समाज संगठनों, महिलाओं एवं युवजन के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की, जो देश के भविष्य को आकार देने में भागेदारी चाहते हैं.
यात्रा के समापन पर यूएन प्रमुख ने कहा कि राजनैतिक बदलाव का असर अब सभी सीरियाई लोगों के दैनिक जीवन में ठोस सुधार के रूप में दिखाई देना चाहिए. उन्होंने इसके लिए निरन्तर अन्तरराष्ट्रीय समर्थन जारी रखे जाने को आवश्यक बताया.
इससे एक दिन पहले महासचिव ने राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाक़ात की थी और बदलाव के इस महत्वपूर्ण दौर में सीरियाई लोगों को समर्थन देने तथा देश के प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता दोहराई थी.
एक निर्णायक दौर
अपनी यात्रा के दूसरे दिन के अन्त में रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “इतनी अधिक पीड़ा के बाद, बदलाव का यह दौर किसी राष्ट्र के जीवन में आने वाला एक दुर्लभ क्षण है.”
उन्होंने कहा, “यह ज़िम्मेदारी, सम्भावनाओं और विकल्पों का क्षण है.”
सीरिया को इतिहास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा बताते हुए महासचिव ने कहा कि वर्षों के युद्ध के बाद, देश भर में लोग अपने अनुभवों और आकांक्षाओं के आधार पर एक नया भविष्य गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने युद्ध के गहरे घाव भी देखे और आगे बढ़ने के लिए सीरियाई लोगों का दृढ़ संकल्प भी महसूस किया.
यूएन प्रमुख ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में मैंने वर्षों के युद्ध के छोड़े हुए निशान देखे हैं. मैंने पीड़ा, क्षति, विस्थापन और भय के अनुभव सुने हैं.”
उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद, लोगों में सहनसक्षमता और बेहतर भविष्य की उम्मीद बनी हुई है.
“मैंने उम्मीद की एक गहरी भावना महसूस की है.”

विविधता की ताक़त
महासचिव ने सीरिया की समृद्ध विविधता को देश की एक बड़ी ताक़त और स्थाई शान्ति की अहम बुनियाद बताया.
उन्होंने कहा, “यह देश लम्बे समय से सभ्यताओं, संस्कृतियों, आस्थाओं और विचारों का संगम रहा है.”
“यह विविधता सीरिया की कोई सामान्य विशेषता नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है.”
यूएन महासचिव ने कहा कि बदलाव की सफलता के लिए यह ज़रूरी है कि सभी सीरियाई लोगों को देश के भविष्य में अपना प्रतिनिधित्व महसूस हो और वे उसे आकार देने में सार्थक भूमिका निभा सकें.
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान लोगों ने सुरक्षा एवं स्थिरता, आर्थिक अवसरों, जवाबदेह संस्थाओं और अधिकारों के सम्मान की इच्छा व्यक्त की.
यूएन प्रमुख ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जवाबदेही, मेल-मिलाप, मानवाधिकारों और समुदायों के बीच भरोसा बढ़ाने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार है.
उन्होंने महिलाओं, युवजन और सीरियाई समाज के सभी वर्गों की भागेदारी सुनिश्चित किए जाने पर भी ज़ोर दिया.

पुनर्बहाली का बोझ अकेले सीरिया पर नहीं
महासचिव ने अन्तरराष्ट्रीय साझीदारों से भी मज़बूत समर्थन की अपील की. उन्होंने कहा कि राजनैतिक बदलाव का असर सीरियाई लोगों के दैनिक जीवन में दिखाई देने के लिए व्यापक आर्थिक सहायता ज़रूरी होगी.
उन्होंने कहा, “अब चुनौती यह है कि राजनैतिक बदलाव को लोगों के दैनिक जीवन में ठोस सुधारों में बदला जाए.”
“हर सीरियाई व्यक्ति को देश के भविष्य में समान भागेदारी महसूस होनी चाहिए.”
यूएन प्रमुख ने प्रतिबन्धों में हाल में दी गई ढील और उससे आर्थिक पुनर्बहाली के लिए खुले नए अवसरों का स्वागत किया. साथ ही, उन्होंने बाक़ी सभी प्रतिबन्ध तुरन्त हटाने की अपील की.
उन्होंने कहा कि सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए निरन्तर अन्तरराष्ट्रीय सहयोग, निवेश और व्यावहारिक सहायता की आवश्यकता होगी.
यूएन प्रमुख ने कहा, “वर्षों की कठिनाइयों के दौरान सीरियाई लोगों ने असाधारण सहनसक्षमता दिखाई है.”
“पुनर्बहाली का बोझ उन्हें अकेले नहीं उठाना चाहिए.”
महासचिव ने कहा कि बुनियादी सेवाएँ बहाल करने, बुनियादी ढाँचे का पुनर्निर्माण करने, आजीविकाओं को फिर से पटरी पर लाने और शिक्षा व स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत बनाने के लिए सहायता की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि शरणार्थियों और विस्थापित लोगों की सुरक्षित, स्वैच्छिक और गरिमापूर्ण घर वापसी सुनिश्चित करने में भी अन्तरराष्ट्रीय सहायता अहम होगी.
अटल साझीदार
महासचिव ने कहा कि आगे की राह आसान नहीं होगी और इस दौरान चुनौतियाँ व रुकावटें आना तय हैं.
मगर उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सीरिया के पास अधिक समावेशी और शान्तिपूर्ण भविष्य बनाने का एक दुर्लभ अवसर है.
उन्होंने कहा, “एक वास्तविक और असाधारण अवसर भी मौजूद है – ऐसा सीरिया बनाने में मदद करने का, जहाँ देश का भविष्य गढ़ने में महिलाओं और पुरुषों की पूर्ण भागेदारी हो… जहाँ युवजन अपनी आकांक्षाएँ पूरी कर सकें…और जहाँ हर व्यक्ति गरिमा, समानता, सुरक्षा व शान्ति के साथ जीवन जी सके.”
यूएन प्रमुख ने कहा, “इस यात्रा में संयुक्त राष्ट्र, सीरिया के लोगों का अटल साझीदार बना रहेगा.”
Source : UN News
