गाजा: गाजा में छह वर्षीय फिलिस्तीनी बच्ची हिंद राजब की मौत और अन्य लोगों की जान जाने की घटनाओं को लेकर इजरायली सेना की ओर से शुरू की गई आंतरिक आपराधिक जांच पर हिंद राजब फाउंडेशन ने सवाल उठाए हैं। फाउंडेशन ने कहा है कि जिन मामलों में इजरायली सेना के जवानों की भूमिका पर सवाल है, उनमें उसी व्यवस्था की आंतरिक जांच को न्याय और जवाबदेही का भरोसेमंद माध्यम नहीं माना जा सकता।
फाउंडेशन के मुताबिक, इजरायली सेना ने जनवरी 2024 में हिंद राजब की मौत और मार्च 2025 में गाजा में 15 सहायता कर्मियों की मौत में अपने बलों की भूमिका की जांच शुरू की है। यह कदम सेना के तथ्य-जांच तंत्र की समीक्षा के बाद उठाया गया है।
हिंद राजब की मौत गाजा सिटी के तेल अल-हवा इलाके में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ मारी गई थी और उसे बचाने की कोशिश में पहुंचे पैरामेडिक्स भी मारे गए थे।
फाउंडेशन ने कहा कि इजरायली आंतरिक जांचों का इतिहास वास्तविक जवाबदेही और दोषियों को सजा दिलाने में प्रभावी नहीं रहा है। इसलिए ऐसी जांचों को अंतरराष्ट्रीय न्याय प्रक्रिया का विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए।
संगठन ने विभिन्न देशों की सरकारों से स्वतंत्र जांच शुरू करने, जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और उन्हें जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
हिंद राजब फाउंडेशन की स्थापना सितंबर 2024 में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने की थी। ब्रसेल्स स्थित यह संगठन इजरायली सैनिकों और कमांडरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर काम करता है। संगठन कथित उल्लंघनों से जुड़े डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान जुटाने, संबंधित सैनिकों की पहचान करने और अलग-अलग देशों की अदालतों में आपराधिक शिकायतें दर्ज करने का काम करता है। इसके अलावा, संगठन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के समक्ष भी दस्तावेज और शिकायतें प्रस्तुत करता है।
