अल-अक्सा मस्जिद में बेन-ग्विर की बार-बार मौजूदगी पर हमास नाराज़, बताया ‘खतरनाक उकसावा’

यरुशलम: यरुशलम की ऐतिहासिक और पवित्र अल-अक्सा मस्जिद परिसर को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर सोमवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अल-अक्सा परिसर में पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने डोम ऑफ द रॉक के सामने परिसर के पूर्वी हिस्से में कथित तौर पर तालमुदिक धार्मिक रस्में भी अदा कीं।इसी दौरान सुबह के समय करीब 178 यहूदी बसने वालों के भी अल-अक्सा परिसर में प्रवेश करने की खबर सामने आई। संवेदनशील धार्मिक स्थल पर बेन-ग्विर की मौजूदगी और धार्मिक रस्मों को लेकर फिलिस्तीनी पक्ष में नाराज़गी बढ़ गई है।

हमास ने बताया गंभीर और खतरनाक बढ़ोतरी बेन-ग्विर की कार्रवाई पर हमास ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने उनके बार-बार अल-अक्सा परिसर में जाने और वहां धार्मिक रस्में अदा करने को मस्जिद की पवित्रता के खिलाफ “गंभीर और खतरनाक उकसावा” बताया। हमास का आरोप है कि इजरायली सरकार अल-अक्सा परिसर में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर वहां लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था और स्टेटस क्वो को बदलने की कोशिश कर रही है। संगठन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां पहले से संवेदनशील स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं तथा क्षेत्र में धार्मिक तनाव बढ़ने का खतरा पैदा करती हैं।

चुनाव से पहले तनाव बढ़ने की आशंका

हमास ने चेतावनी दी है कि इजरायल में आगामी चुनावों से पहले अल-अक्सा मस्जिद, फिलिस्तीनी भूमि और धार्मिक स्थलों को लेकर तनाव और बढ़ सकता है। संगठन ने फिलिस्तीनियों से अल-अक्सा परिसर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की अपील की है। साथ ही अरब और मुस्लिम देशों तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कथित इजरायली उल्लंघनों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।

2026 में बढ़ीं ऐसी घटनाएं

अल-अक्सा परिसर में 2026 के दौरान यहूदी बसने वालों के प्रवेश और धार्मिक रस्मों से जुड़ी घटनाओं को लेकर विवाद लगातार सामने आता रहा है। हाल ही में करीब 187 बसने वालों के परिसर में प्रवेश करने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। सितंबर में कई प्रमुख यहूदी धार्मिक पर्व आने वाले हैं। ऐसे में फिलिस्तीनी पक्ष को आशंका है कि इन मौकों पर अल-अक्सा परिसर में तनाव और बढ़ सकता है।

अल-अक्सा क्यों है इतना संवेदनशील?

अल-अक्सा मस्जिद परिसर मुस्लिमों के लिए इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यह स्थल यहूदियों के लिए भी अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है और वे इसे टेंपल माउंट के रूप में संबोधित करते हैं। इसी धार्मिक और राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण परिसर में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि, सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव या राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर तत्काल प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।बेन-ग्विर की बार-बार अल-अक्सा परिसर में मौजूदगी ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है। आने वाले दिनों में धार्मिक पर्वों और राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यहां की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहने की संभावना है।

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