यरुशलम की हायर इस्लामिक काउंसिल के प्रमुख शेख इकरिमा सबरी ने आगामी यहूदी धार्मिक छुट्टियों के दौरान अल-अक्सा मस्जिद और कब्जे वाले यरुशलम में तनाव बढ़ने की आशंका जताई है। उन्होंने आने वाले छुट्टियों के मौसम को मौजूदा हालात के लिहाज से “अब तक के सबसे खतरनाक मौसमों में से एक” बताया है। शेख सबरी के मुताबिक, खतरा केवल अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रवेश करने वाले यहूदी बसने वालों की बढ़ती संख्या से नहीं है, बल्कि इस बात से भी है कि चरमपंथी समूह मस्जिद के अंदर ऐसी धार्मिक गतिविधियां या प्रथाएं लागू करने की कोशिश कर सकते हैं, जो मौजूदा स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दें।
उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों से पता चलता है कि यहूदी धार्मिक छुट्टियों का इस्तेमाल इजरायली कब्जा प्राधिकरण और चरमपंथी बसने वाले समूह यरुशलम में दबाव बढ़ाने के लिए करते हैं। शेख सबरी के अनुसार, इन मौकों पर अल-अक्सा मस्जिद में नए जमीनी हालात स्थापित करने की कोशिश भी की जाती है। शेख सबरी ने यह भी दावा किया कि इजरायली प्राधिकरण छुट्टियों के दौरान उन दक्षिणपंथी यहूदी समूहों को संतुष्ट करने की कोशिश करता है, जो अल-अक्सा मस्जिद पर अधिक नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इसे इजरायल के राजनीतिक और सुरक्षा प्रतिष्ठान में इन समूहों के बढ़ते प्रभाव से जोड़ा।
अल-अक्सा मस्जिद में होने वाली घटनाओं को अलग-अलग घटनाओं या व्यक्तिगत उल्लंघनों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, ये घटनाएं एक व्यापक और धीरे-धीरे आगे बढ़ रही प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसमें अल-अक्सा में मौजूदा व्यवस्था को बदलने और नए तथ्यों को जमीन पर स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
शेख सबरी ने कहा कि स्थिति को केवल सामान्य धार्मिक यात्राओं के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार, अस्थायी दौरों से आगे बढ़कर अल-अक्सा मस्जिद परिसर में नई व्यवस्थाएं स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
आगामी यहूदी छुट्टियों के मद्देनजर शेख सबरी की यह चेतावनी ऐसे समय सामने आई है, जब अल-अक्सा मस्जिद को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। फिलिस्तीन इंफॉर्मेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, शेख सबरी ने आने वाले दिनों में किसी भी नए घटनाक्रम पर विशेष सतर्कता की जरूरत पर जोर दिया है।
