बचपन के जुनून से कारोबार तक: कश्मीर के 22 वर्षीय रियाज़ अहमद का अनोखा मुर्गी पालने का सफ़र

सिर्फ 22 साल की उम्र में, रियाज़ अहमद मुर्गियों के प्रति अपने बचपन लगाव को एक बेहतरीन कारोबार में बदल रहे हैं। बचपन का यह शौक अब 45 से ज़्यादा विदेशी नस्लों के शानदार कलेक्शन में तब्दील हो गया है, जो उनके समर्पण, जुनून और उद्यमी सोच को दर्शाता है। उनका सफर इस बात की एक बेहतरीन मिसाल है कि कैसे एक साधारण शौक भी पैसे कमाने का ज़रिया बन सकता है।

जहाँ उनकी उम्र के कई युवा अभी भी अपने करियर के मौकों को तलाश रहे हैं, वहीं रियाज़ ने अपने जुनून को ही अपना रास्ता चुना है। मुर्गियाँ पालने में उनकी दिलचस्पी बचपन से ही थी, लेकिन वक़्त के साथ यह जुनून दुनिया भर की विदेशी नस्लों को इकट्ठा करने और पालने के एक गहरे शौक में बदल गई।

उनके कलेक्शन में अब 45 से ज़्यादा अलग-अलग नस्लें शामिल हैं, जिनमें से हर एक का अपना अनोखा रंग, रूप और खूबियां हैं। हालाँकि, रियाज़ के लिए इन पक्षियों का शौक सिर्फ उनके अनोखे रूप तक ही सीमित नहीं है। उन्हें मुर्गियाँ पालने में सचमुच मज़ा आता है, और जो कभी एक शौक हुआ करता था, वह धीरे-धीरे एक सफल कारोबार बन गया है।

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