क़तर अमीर शेख तमीम बिन हमद अल ज़ानी ने कहा है कि गाज़ा पर इज़राइल की सैन्य कार्रवाई बिना किसी शक के “नरसंहार” है, और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों बिना सज़ा के नहीं बचेंगे। फ़िलिस्तीन का मुद्दा “हमारी प्राथमिकताओं में सबसे अहम है।”
मंगलवार को दोहा में शूरा काउंसिल के 55वें सालाना सेशन की मेजबानी करते वक़्त, शेख तमीम ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की लगातार आक्रामकता के बारे में चेतावनी दी। उन्होंने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली सेना और सेटलर के हमलों, अल-अक्सा मस्जिद परिसर में बार-बार घुसपैठ, और अंतरराष्ट्रीय कानून, UN चार्टर व अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन का जिक्र किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, राजधानी दोहा में कतर की शूरा काउंसिल के 55वें सालाना सेशन की शुरुआत पर दिए गए भाषण में, शेख तमीम बिन हमद ने ज़ोर देकर कहा कि “गाज़ा पट्टी में जो हुआ वह बिना शक़ नरसंहार था, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बचना नहीं चाहिए।” कतर के अमीर ने कहा कि उनके देश ने हाल के महीनों में ऐसी असाधारण घटनाओं का सामना किया है, जिन्होंने सरकारी संस्थानों की मजबूती, समाज की एकजुटता और संकट से निपटने की उसकी क्षमता को साबित किया है। उन्होंने बताया कि संकट के दौरान दोहा ने एक साथ तीन जिम्मेदारियां निभाईं: अपनी संप्रभुता की रक्षा करना, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और विश्व अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका निभाना, और राजनयिक रास्ते खुले रखे है।
