शबे बरात: शोर नहीं, शऊर की रात — तौबा, तालीम और ज़िम्मेदारी का पैग़ाम

शबे बरात इस्लाम की उन मुक़द्दस रातों में से है जो इंसान को उसके रब से जोड़ती हैं…उसे उसकी ग़लतियों का एहसास दिलाती हैं और…

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