भारत सहित एशियाई देशों की तेल सप्लाई भारी संकट में हैं. आने वाले दिनों में कुछ ऐसा होने वाला है, तेल को लेकर इतना बड़ा संकट आ रहा है जिसके बारे में दुनिया ने सोचा भी नहीं होगा. एक ऐसे देश ने ‘तेल की टंकियां फुल’ करवाने की सलाह दी है. एशिया के सबसे बड़े तेल आयातक ने दुनिया के लाल बटन दबा दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, होर्मुज से दौड़े आ रहे इस संकट को देखते हुए ‘एशिया जीरो एमिशन कम्युनिटी’ ने भी अपनी रणनीति बदल दी है. अब कच्चे तेल की लगातार सप्लाई और साझा रिजर्व बनाना ही सबकी पहली प्राथमिकता बन गया है.

ईंधन संकट के इस भयावह खतरे को देखते हुए जापान ने सीधे ‘रेड बटन’ दबा दिया है. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा मंच की वर्चुअल बैठक के दौरान जापान के ट्रेड मिनिस्टर र्योसेई अकाजावा ने एशिया के सभी देशों से अपने तेल भंडार को तुरंत बढ़ाने की जोरदार अपील की. जापान ने कहा है कि इस नाजुक मोड़ पर मध्य पूर्व के तेल उत्पादक देशों और एशिया के आयातक देशों के बीच एक मजबूत कड़ी बनने की जरूरत है. जापान ने खुद को इन दोनों पक्षों के बीच एक ‘पुल’ के रूप में पेश करने की पेशकश की है, ताकि दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को बिना किसी बाधा के स्थिर बनाए रखा जा सके.
