शनिवार को लंदन में 2,50,000 से ज़्यादा लोगों ने फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में मार्च निकाला। उन्होंने गाज़ा में इज़राइल के युद्ध को खत्म करने और ब्रिटिश सरकार से इज़राइल को दी जा रही सैन्य और राजनीतिक मदद रोकने की मांग की। यह प्रदर्शन ब्रिटिश प्रधानमंत्री के सरकारी आवास, 10 डाउनिंग स्ट्रीट के पास खत्म हुआ। प्रदर्शनकारियों ने गाज़ा में मारे गए फ़िलिस्तीनियों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा। यह मार्च ऐसे वक़्त में हुआ जब फ़िलिस्तीनी अक्टूबर 2023 में गाज़ा में शुरू हुए युद्ध के तीन साल पूरे होने का ज़िक्र कर रहे थे।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक़, प्रदर्शनकारियों ने “फ़िलिस्तीन को आज़ाद करो,” “इज़राइल को हथियार देना बंद करो” और “नरसंहार खत्म करो” जैसे नारे लगाए। उन्होंने फ़िलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाई और ब्रिटिश सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग की।

‘फ़िलिस्तीन सॉलिडैरिटी कैंपेन’ की डायरेक्टर एमी शालन ने ‘एजेंस फ्रांस-प्रेस’ को बताया कि इज़राइली कब्ज़े वाले बलों की हिंसा से जुड़े हालिया ब्रिटिश प्रतिबंध काफ़ी नहीं थे। संगठन के मुताबिक़, इस कैंपेन में और बड़े कदमों की मांग की गई, जिसमें इज़राइल पर प्रतिबंध और हथियारों की पूरी तरह से रोक शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, एक साल पहले सीज़फायर की घोषणा के बावजूद, गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों की मौत का सिलसिला जारी रहा। उस दौरान इस इलाके में 1,400 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी शहीद किये गए, जबकि रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 2025 के दौरान वेस्ट बैंक में इज़राइली सेना और सेटलर्स के हाथों 230 फ़िलिस्तीनी शहीद किये गए।
