19 साल की कश्मीरी लेखिका उज़मा फ़ातिमा को मिला नारी शक्ति पुरस्कार

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श्रीनगर। कश्मीर की 19 वर्षीय युवा लेखिका उज़मा फ़ातिमा को उनकी शानदार साहित्यिक उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बरामूला ज़िले के उरी इलाके के परान पिलान गाँव की रहने वाली उज़मा ने कम उम्र में ही लेखन की दुनिया में अपनी खास पहचान बना ली है।

उज़मा ने अब तक 40 से ज़्यादा सह-लेखन पुस्तकों में योगदान दिया है। इसके अलावा उनकी दो स्वतंत्र किताबें War of Different Emotions और Color of The Word पाठकों के बीच खूब सराही गईं। साथ ही Ravaged Souls, Society और From Darkness to Light जैसी किताबों में भी उनका अहम योगदान रहा है।

वर्तमान में उज़मा बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपनी लेखनी को समाज और युवा पीढ़ी की सोच को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनाया। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि कश्मीर की नई पीढ़ी साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी देशभर में नाम कमा रही है

उज़मा का यह सम्मान न सिर्फ उनके लिए, बल्कि कश्मीर की हर उस युवा लड़की के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने का जज़्बा रखती है।

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