गाज़ा सिटी पर इज़राइल के हमले लगातार तेज़ होते जा रहे हैं। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक़, शहर अब “fields of rubble” यानी खंडहरों में बदल चुका है। इज़राइल ने ज़मीन और हवा से बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिसमें मकान और पूरी-की-पूरी बस्तियाँ मिट्टी में दब गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक scorched-earth policy (झुलसी हुई धरती) का हिस्सा है। यहां तक कि घरों को उड़ाने के लिए explosive robots का इस्तेमाल किया गया है। गाज़ा सिटी और आसपास करीब 10 लाख लोग रहते हैं, जिन पर जबरन दक्षिण की ओर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है।
रविवार को हुए ताज़ा हमलों में 78 लोग मारे गए, जिनमें से 32 लोग सिर्फ़ खाना लेने निकले थे। एक अन्य हमले में पत्रकार इस्लाम अबेद (Al-Quds Al-Youm TV) की मौत हो गई। गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 247 पत्रकार और मीडिया कर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।
Al Jazeera के संवाददाता ने बताया कि जाबालिया और ज़ैतून जैसे इलाक़ों में हालात बेहद भयावह हैं। वहाँ कोई सुरक्षित जगह नहीं बची। मकान ढह चुके हैं और लोगों को ज़िंदा रहना मुश्किल हो रहा है।
गाज़ा में जारी यह तबाही लाखों लोगों के लिए मानवीय संकट को और गहरा कर रही है।
