न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा का हॉल शुक्रवार शाम एक प्रतीकात्मक विरोध का गवाह बना। जैसे ही इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भाषण देने मंच पर पहुँचे, दुनिया भर से आए प्रतिनिधिमंडल अचानक अपनी सीटें छोड़कर बाहर निकल गए। देखते ही देखते पूरा हॉल लगभग खाली हो गया और नेतन्याहू के सामने सिर्फ़ इज़रायली प्रतिनिधि और गिने-चुने देश ही रह गए।
इज़रायली मीडिया ने इस घटना को “दुनिया के सामने नेतन्याहू की सार्वजनिक शर्मिंदगी” बताया। महासभा के अध्यक्ष की अपील के बावजूद प्रतिनिधियों का वॉकआउट जारी रहा।
साथ ही आपको बता दें की यह विरोध योजनाबद्ध था। फिलिस्तीनी मिशन ने पहले ही संदेश भेजकर देशों से अपील की थी कि वे नेतन्याहू के भाषण के समय सामूहिक रूप से हॉल छोड़ दें। संदेश साफ़ था—अंतरराष्ट्रीय समुदाय “नरसंहार, युद्ध अपराध और कब्ज़े” का हिस्सा नहीं बनेगा।
हॉल के बाहर और न्यूयॉर्क की सड़कों पर भी गाज़ा के समर्थन में विशाल प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू को “युद्ध अपराधी” कहा और इज़रायल पर जवाबदेही की मांग उठाई।
7 अक्तूबर 2023 से जारी इज़रायली हमलों में अब तक 2.31 लाख से अधिक फिलिस्तीनी हताहत हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं। 11,000 से अधिक लोग लापता हैं, जबकि लाखों लोग बेघर और गाज़ा के बड़े हिस्से खंडहर बन चुके हैं।
