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कब्ज़े वाले पश्चिमी तट में शुक्रवार सुबह हालात बिगड़ गए, जब इसरायली कब्ज़ा बलों (IOF) ने कई शहरों और गांवों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। अलग-अलग इलाकों में लोगों के घरों पर छापे डाले गए और कई गिरफ्तारियां की गईं। इसी दौरान कुछ समूहों ने रामल्लाह, नाबलुस, अल-ख़लील और तुबास के पास फ़लस्तीनी इलाकों में घुसकर माहौल और तनावपूर्ण कर दिया।
रामल्लाह के पास सिलवाड में सबसे ज़्यादा तनाव देखने को मिला। यहां फ़लस्तीनी युवाओं ने IOF और बाहरी समूहों की मौजूदगी का विरोध किया। देइर जरीर और देइर दिबवान में भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई से माहौल तनावपूर्ण रहा।
बीरज़ैत में IOF ने पूर्व क़ैदी सलामा अल-क़ातावी को गिरफ्तार किया। नाबलुस में न्यू अस्कर कैंप पर छापे के दौरान शादि अल-रिफ़ाई को हिरासत में लिया गया। बुरीन गांव में दो बच्चे — ख़ालिद और साहलम ज़ैन — को भी उनके घर से उठाया गया।
दक्षिणी पश्चिमी तट में, हलहूल और अल-ज़ाहिरिया में कई घरों की तलाशी ली गई। तुबास के तम्मुन इलाके में सैन्य बुलडोज़रों ने नागरिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। फ़लस्तीनी क़ैदी संगठन (PPS) के अनुसार, तुबास में लगभग 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई घरों को IOF ने अस्थायी सैन्य ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया।
जेनिन, क़ल्किलिया और तुल्कर्म में रातभर धमाकों और फ्लेयर्स की आवाज़ें सुनी गईं। यह सभी घटनाएं उत्तरी पश्चिमी तट में जारी बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा हैं।
