देश में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों के बड़े पैमाने पर खाली रहने की समस्या को देखते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET-PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल में बदलाव किया है। ANI के सूत्रों के अनुसार यह फैसला राउंड-2 काउंसलिंग के बाद लिया गया, जिसमें सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 18,000 से अधिक PG सीटें खाली रह गई थीं।
सूत्रों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और देश में प्रशिक्षित मेडिकल स्पेशलिस्ट की संख्या बढ़ाना है। बड़ी संख्या में सीटों का खाली रहना न केवल शैक्षणिक संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि हेल्थकेयर सेवाओं को मजबूत करने के राष्ट्रीय प्रयासों को भी प्रभावित करता है।
NBEMS ने स्पष्ट किया है कि एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट-आधारित रहेगी और NEET-PG रैंक व उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर ही सीट आवंटन होगा। सभी प्रवेश केवल अधिकृत काउंसलिंग सिस्टम के माध्यम से किए जाएंगे और किसी भी प्रकार के सीधे या मनमाने एडमिशन की अनुमति नहीं होगी। शैक्षणिक मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा; संशोधित पर्सेंटाइल केवल पात्र MBBS डॉक्टरों के दायरे का विस्तार करता है।
गौरतलब है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 12 जनवरी 2026 को कट-ऑफ में बदलाव का अनुरोध किया था। 13 जनवरी 2026 को लिया गया यह फैसला उसी अपील के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। IMA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को समय पर हस्तक्षेप और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया है।
