क़ब्ज़े वाले यरुशलम में स्थित इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद में बुधवार को हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्जनों यहूदी चरमपंथी सेटलर्स ने सुबह और बाद में दोपहर के समय मस्जिद परिसर में घुसपैठ कर उसकी बेअदबी की, जबकि उसी दौरान मुस्लिम इबादतगुज़ारों के प्रवेश पर सख़्त पाबंदियां लगा दी गईं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सेटलर्स के ये समूह मगरिबा गेट के रास्ते अल-अक्सा मस्जिद में दाख़िल हुए। पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें इज़राइली क़ब्ज़ा पुलिस की सुरक्षा प्राप्त थी। मस्जिद के आंगनों में घूमते हुए सेटलर्स को रब्बियों द्वारा तथाकथित “टेम्पल माउंट” को लेकर व्याख्यान दिए गए।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि, मस्जिद परिसर के पूर्वी हिस्से और क़ुब्बतुस सख़रा यानी (डोम ऑफ द रॉक) की ओर जाने वाली सीढ़ियों के पास कई सेटलर्स ने तलमूदिक प्रार्थनाएं कीं और अन्य उकसाने वाली गतिविधियों को अंजाम दिया, जिससे पवित्र स्थल की पवित्रता को ठेस पहुंची।
इसी बीच, इज़राइली क़ब्ज़ा पुलिस ने अल-अक्सा मस्जिद के प्रवेश द्वारों और गेट्स पर कड़ी निगरानी और प्रतिबंध लागू कर दिए। बड़ी संख्या में मुस्लिम इबादतगुज़ारों को मस्जिद में दाख़िल होने से रोक दिया गया, जिससे ग़ुस्सा और बेचैनी और बढ़ गई।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अल-अक्सा मस्जिद पहले ही बेहद संवेदनशील हालात से गुज़र रही है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों को लेकर क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
