सऊदी अरब के मदीना प्रांत से एक बेहद अहम और दिलचस्प पुरातात्विक खोज सामने आई है। सऊदी हेरिटेज कमीशन ने ऐलान किया है कि अल महद गवर्नरेट में जारी व्यापक पुरातात्विक सर्वेक्षण के दौरान एक ऐसा शिलालेख (इंस्क्रिप्शन) बरामद हुआ है, जिस पर इस्लामी तारीख़ की अहम शख्सियत और दूसरे खलीफा हज़रत उमर इब्न अल-खत्ताब का नाम दर्ज है।
यह खोज उन 1,774 पुरातात्विक अवशेषों और निशानियों का हिस्सा है, जिन्हें सर्वेक्षण के पहले और दूसरे चरण के दौरान दस्तावेज़बंद किया गया। हेरिटेज कमीशन के मुताबिक़ सर्वेक्षण टीमों ने 173 ऐसे पुरातात्विक स्थलों की पहचान की, जिनका पहले कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। यह खोजें इस इलाके की समृद्ध और विविध तारीखी विरासत की गवाही देती हैं।
सबसे खास बात यह है कि मिले हुए अवशेषों में 173 ऐसे शैल-लेख (रॉक इंस्क्रिप्शन) शामिल हैं, जिनमें उमर इब्न अल-खत्ताब का नाम दर्ज है। इसके अलावा चट्टानों पर उकेरी गई प्राचीन अरबी शायरी और कविताएं भी मिली हैं, जो उस दौर की सांस्कृतिक और साहित्यिक झलक पेश करती हैं।
हेरिटेज कमीशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल खोजों में 1,259 रॉक आर्ट चित्र, 461 इस्लामी शिलालेख, थमूद भाषा के 34 शिलालेख, 11 पत्थर की संरचनाएं, तीन महल और अन्य पुरातात्विक इमारतें, कारवां मार्गों से जुड़े दो माइलस्टोन तथा चार कुएं शामिल हैं।
गौरतलब है कि हज़रत उमर इब्न अल-खत्ताब ने 634 ईस्वी से 644 ईस्वी तक इस्लामी साम्राज्य की क़ियादत की थी। मदीना क्षेत्र से सामने आई यह नई खोज न सिर्फ़ प्रारंभिक इस्लामी दौर के बारे में अहम मालूमात मुहैया कराती है, बल्कि अरब प्रायद्वीप की सदियों पुरानी तहज़ीब, तारीख़ और विरासत को समझने में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
