संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जारी एक नए आकलन में बताया गया है कि लेबनान की राजधानी बेरूत और माउंट लेबनान क्षेत्र में हालिया युद्ध बढ़ने के बाद इमारतों को साढ़े 36 करोड़ डॉलर से अधिक का नुक़सान हुआ है. इस बीच, टायर शहर में हुए कुछ और हमलों ने युद्धविराम की नाज़ुक स्थिति को उजागर किया है, जो अब तक हिंसा और संघर्ष को पूरी तरह रोकने में विफल रहा है.
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा लेबनान की राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसन्धान परिषद और अन्य साझीदारों के सहयोग से किए गए इस आकलन में अनुमान लगाया गया है कि युद्ध के कारण लगभग साढ़े 6 लाख घन मीटर मलबा भी उत्पन्न हुआ है.
यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में बढ़ती जनहानि और मानवीय संकट को लेकर चिन्ताएँ गहरा रही हैं.
ख़बरों के अनुसार, इसराइली हवाई हमलों ने दक्षिणी तटीय शहर टायर को निशाना बनाया, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई.
बताया गया है कि इसराइली बल ने लोगों को नए बेदख़ली आदेश भी जारी किए हैं, जिनमें पहली बार शहर के ईसाई बहुल इलाके़ को भी शामिल किया गया है.
इससे युद्धविराम की प्रभावशीलता और क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिन्ताएँ और बढ़ गई हैं.
संयम बरतने की अपील
यह घटनाक्रम संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की ओर से क्षेत्र में संयम बरतने की नई अपील के बीच सामने आया है.
यूएन प्रमुख के प्रवक्ता ने सोमवार को जारी एक वक्तव्य में कहा कि महासचिव मध्य पूर्व में हालिया तनाव और हिंसा में हुई वृद्धि को लेकर गहराई से चिन्तित हैं.
उन्होंने सभी पक्षों से तत्काल हमले रोकने, अधिकतम संयम बरतने और किसी भी ऐसे क़दम से बचने की अपील की है, जिससे पहले से ही अस्थिर स्थिति और अधिक भड़क सकती है.
यह क्षति आकलन सैटेलाइट चित्रों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित विश्लेषण और स्थल पर किए गए सत्यापन के आधार पर तैयार किया गया है, जिससे बेरूत और माउंट लेबनान में अब तक हुए विनाश की एक समग्र तस्वीर सामने आती है.
रिपोर्ट के अनुसार, 146 इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गईं, जबकि 264 इमारतों को आंशिक नुक़सान पहुँचा है. आवासीय स्तर पर 3 हज़ार 168 घर पूरी तरह तबाह हुए हैं और 4 हज़ार 437 घरों को नुक़सान पहुँचा है.
बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और माउंट लेबनान के आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक तबाही दर्ज की गई है.
UNDP ने कहा है कि ये निष्कर्ष राष्ट्रीय अधिकारियों और साझीदारों को पुनर्निर्माण और पुनर्वास प्रयासों को प्राथमिकता देने में मदद करेंगे, ताकि प्रभावित समुदाय धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें.
बिगड़ते मानवीय हालात
यह क्षति आकलन ऐसे समय में सामने आया है जब यूएन एजेंसियाँ और साझीदार चेतावनी दे रहे हैं कि अप्रैल में हुए युद्धविराम के बावजूद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च से शुरू हुए इस तनाव के बाद से लेबनान की सरकारी राहत प्रणाली के माध्यम से अब तक 10 लाख से अधिक विस्थापित लोगों का पंजीकरण किया गया है.
इनमें से 1 लाख 34 हज़ार से अधिक आन्तरिक रूप से विस्थापित लोग सामूहिक आश्रयों में रह रहे हैं, जबकि देश भर में 642 आपात आश्रय स्थल वर्तमान में सक्रिय हैं.
मानवीय संगठनों की रिपोर्टें लगातार बढ़ती असुरक्षा, बार-बार होने वाले विस्थापन और आवासीय अस्थिरता की ओर इशारा कर रही हैं. अनेक परिवार भीड़भाड़, बेघर होने या असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हैं.
सबसे अधिक प्रभावित बच्चों को बताया जा रहा है, जिनमें भय, चिन्ता, नीन्द में बाधा और लगातार बनी अनिश्चितता से उत्पन्न मानसिक तनाव के मामले बढ़ रहे हैं.
इसके साथ ही, सीरियाई शरणार्थियों और अन्य गै़र-लेबनानी समुदायों की स्थिति भी अत्यन्त संवेदनशील बनी हुई है, जिन्हें सुरक्षा जोखिमों और सुरक्षित आश्रय तक पहुँचने में गम्भीर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव
यह युद्ध लेबनान की पहले से ही कमज़ोर स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्वास्थ्य क्षेत्र के साझीदारों के अनुसार, युद्धविराम के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले जारी रहे हैं.
2 मार्च के बाद से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने वाले 196 हमलों की पुष्टि की गई है, जिनमें 131 लोगों की मौत और 379 लोग घायल हुए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, मध्य अप्रैल के बाद से 50 हमलों ने स्वास्थ्यकर्मियों, चिकित्सा सुविधाओं और मरीज़ों को प्रभावित किया है, जिससे पहले से ही दबाव में चल रही स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता और अधिक कमज़ोर हो गई है.
Source : UN News
