UGC NET की परीक्षा को लेकर एक बार फिर अभ्यर्थियों की नाराजगी सामने आई है। आंसर की जारी होने के बाद तीन विषयों—इंग्लिश, कॉमर्स और समाजशास्त्र—की परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए फिर से तैयारी के साथ-साथ यात्रा और रहने का खर्च भी उठाने की चिंता सता रही है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा के लिए कई अभ्यर्थी अपने शहर से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेंटर तक पहुंचे थे। कुछ छात्रों के मुताबिक, उन्होंने करीब 400 किलोमीटर की यात्रा की, जिसके लिए ट्रेन टिकट, होटल और खाने पर हजारों रुपये खर्च हुए। अब परीक्षा दोबारा होने पर उन्हें यही खर्च फिर से करना पड़ सकता है।
तैयारी के लिए समय पर भी सवाल
अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा से जुड़ी समस्या सामने आने के बावजूद करीब 50 दिनों तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। आंसर की जारी होने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की बात सामने आई। छात्रों का कहना है कि अब उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए करीब 20 दिनों का ही समय मिल रहा है, जबकि उन्हें कम से कम एक महीने का वक्त दिया जा सकता था।
छात्रों ने परीक्षा में पूछे गए सवालों को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पेपर में स्पेलिंग की गलतियों के साथ सिलेबस से बाहर के सवाल और पिछले साल के पेपर से जुड़े सवाल भी शामिल थे। ऐसे में अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि अगर गलती परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी है, तो उसका आर्थिक बोझ छात्रों पर क्यों पड़े?
यात्रा खर्च या होम सिटी का विकल्प देने की मांग
अभ्यर्थियों की मांग है कि दोबारा परीक्षा के लिए या तो यात्रा का पूरा खर्च उठाया जाए या उन्हें अपने शहर में परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प दिया जाए। फिलहाल दोबारा परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन यात्रा और रहने के खर्च को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
छात्रों को उम्मीद है कि उन्हें होम सिटी चुनने का विकल्प मिल सकता है। इससे उन्हें दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा। हालांकि, अभी ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अभ्यर्थियों का सीधा सवाल है—अगर गलती सिस्टम की है, तो उसकी कीमत उन्हें क्यों चुकानी पड़े?
