अमेरिकी सैन्य अड्डों के रखरखाव का संकट गहराया, बकाया राशि 285 अरब डॉलर पहुंची

अमेरिकी सैन्य

अमेरिकी सेना सैन्य ठिकानों के रखरखाव की बड़ी समस्या से जूझ रही है। सरकारी जवाबदेही कार्यालय (GAO) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025 में अमेरिकी सैन्य ठिकाने का रखरखाव बैकलॉग बढ़कर करीब 285 अरब डॉलर हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, सेना की विभिन्न शाखाएं अपनी पहचानी गई रखरखाव जरूरतों का केवल करीब 80 फीसदी ही फंडिंग के लिए मांग रही हैं, जबकि पेंटागन ने कम से कम 90 फीसदी जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। सरकारी जवाबदेही कार्यालय ने थल सेना, नौसेना, मरीन कॉर्प्स और वायु सेना के अमेरिका और उसके क्षेत्रों में मौजूद सैन्य ठिकाने की समीक्षा की। रिपोर्ट में कहा गया है कि फंडिंग की कमी से सैन्य अभियानों और सैनिकों के जीवन की गुणवत्ता, दोनों पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, युद्ध विभाग ने अभी तक यह पूरी तरह से तय नहीं किया है कि कम फंडिंग के कारण मिशन और सैन्यकर्मियों की जीवन-स्थितियों पर कितना जोखिम पैदा हो सकता है।रिपोर्ट के मुताबिक, सुविधाओं के रखरखाव का मॉडल सैन्य ठिकाने के आकार और स्थान जैसे कारकों के आधार पर हर साल जरूरी रखरखाव फंडिंग का अनुमान लगाता है। इसके बावजूद सैन्य सेवाएं मॉडल की जरूरत के मुकाबले कम फंडिंग मांगती रही हैं। वित्तीय वर्ष 2017 से 2020 के बीच थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने अपनी अनुमानित जरूरतों का लगभग 80 फीसदी ही मांगा। वहीं, मरीन कॉर्प्स की सस्टेनमेंट फंडिंग पिछले पांच वित्तीय वर्षों में 80 फीसदी से घटकर 40 फीसदी रह गई।सरकारी जवाबदेही कार्यालय ने सैन्य बैरकों की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई।

पिछली जांचों में हजारों सैनिकों के लिए खराब और असुरक्षित आवास की स्थिति सामने आई थी। अप्रैल 2026 तक युद्ध विभाग ने पिछली 31 सिफारिशों में से 19 पर कार्रवाई की थी, लेकिन कई सिफारिशें अभी लंबित हैं। रिपोर्ट में रखरखाव कर्मचारियों की कमी और डेटा की विश्वसनीयता को भी बड़ी चुनौती बताया गया है। सरकारी जवाबदेही कार्यालय की रिपोर्ट में कुल 13 सिफारिशें दी हैं। युद्ध विभाग ने इनमें से 12 को पूरी तरह आंशिक रूप से स्वीकार किया, जबकि एक सिफारिश को खारिज भी कर दिया।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *