इस साल 130 फिलिस्तीनी महिलाएं और लड़कियां हिरासत में, 91 अब भी जेलों में

फिलिस्तीन सूचना केंद्र की रिपोर्ट में महिलाओं की गिरफ्तारी, हिरासत की परिस्थितियों और जेलों में कथित दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर दावे किए गए हैं।

फिलिस्तीन सूचना केंद्र में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत से अब तक वेस्ट बैंक और अधिकृत यरुशलम से 130 फिलिस्तीनी महिलाओं और लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से फिलिस्तीनी महिलाओं की गिरफ्तारियों में तेज बढ़ोतरी हुई है और ऐसे मामलों की संख्या करीब 800 तक पहुंच गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, इन गिरफ्तारियों में कई मामले सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आरोपों के आधार पर दर्ज किए गए, जिन्हें इजरायली अधिकारी “उकसावे” की श्रेणी में रखते हैं। हालांकि, गाजा से हिरासत में ली गई महिलाओं की सही संख्या उपलब्ध नहीं है, क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक कई महिलाएं अब भी लापता हैं।

मार्च में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च में महिलाओं के खिलाफ सबसे बड़ा गिरफ्तारी अभियान सामने आया। इस दौरान 31 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। इनमें ज्यादातर वे महिलाएं थीं, जिनके पति या परिवार के सदस्य फिलिस्तीनी कैदी, मारे गए लोग, पूर्व कैदी या निर्वासित थे।

रिपोर्ट में इस साल तीन गर्भवती महिलाओं की हिरासत का भी जिक्र है। इनमें अमीना शाहेर अल-तवील, दाना इनाद जौदेह और मनार इब्राहिम कराजा शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनार इब्राहिम कराजा अभी भी हिरासत में हैं।

91 महिलाएं अब भी जेल में

फिलिस्तीन सूचना केंद्र के मुताबिक, 91 फिलिस्तीनी महिला कैदी अभी इजरायली जेलों में हैं। इनमें 18 साल से कम उम्र की दो लड़कियां और 35 माताएं शामिल हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें दो महिलाएं कैंसर से पीड़ित हैं, एक महिला को हेपेटाइटिस है और एक बुजुर्ग महिला अल्जाइमर से पीड़ित है। रिपोर्ट के अनुसार, इन महिलाओं को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलने को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है।

रिपोर्ट में तहानी अबू समहान का मामला भी सामने रखा गया है। उन्हें सितंबर 2025 में सात महीने की गर्भावस्था के दौरान गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने डेमन जेल में सितंबर 2025 में बच्चे को जन्म दिया और वह अपने शिशु के साथ अब भी हिरासत में हैं।

हिरासत की परिस्थितियों पर भी सवाल

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि महिलाओं को देर रात घरों से निकाला जाता है, बच्चों के सामने हिरासत में लिया जाता है और इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया जाता है। रिपोर्ट में पूछताछ और जेलों के भीतर अपमान, दुर्व्यवहार, चिकित्सा उपेक्षा, भीड़भाड़, लगातार निगरानी, तलाशी और अन्य कठोर परिस्थितियों का भी दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, महिला कैदियों की मुलाकातें 34 महीने से अधिक समय से निलंबित हैं और उन्हें पर्याप्त कपड़े तथा अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, फिलिस्तीनी प्रिजनर्स सोसाइटी के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 जुलाई तक वेस्ट बैंक में इस साल 3,600 गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं। आधिकारिक फिलिस्तीनी मानवाधिकार आंकड़ों के मुताबिक, 9,400 से ज्यादा फिलिस्तीनी इजरायली जेलों में बंद हैं, जिनमें 3,244 प्रशासनिक हिरासत में हैं। इन आंकड़ों में इजरायली सैन्य हिरासत शिविरों में रखे गए फिलिस्तीनियों को शामिल नहीं किया गया है।

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