गाजा: गाजा पट्टी में जारी मानवीय संकट अब केवल खाद्य और दवाओं की कमी तक सीमित नहीं रह गया है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मानवीय सहायता के प्रवेश, वितरण और जरूरतमंदों तक उसकी पहुंच को प्रभावित करने वाली पाबंदियों ने राहत व्यवस्था को बेहद कमजोर कर दिया है। इसके कारण लाखों फिलिस्तीनियों के लिए भोजन, पानी, दवा और आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतें भी रोजाना संघर्ष का विषय बन गई हैं। फिलिस्तीनी सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद गाजा की मानवीय सहायता व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां मुख्य समस्या जरूरी सामान की कमी थी, वहीं अब सहायता के प्रवेश और वितरण से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं ने संकट को और गहरा कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में खाद्य सामग्री, दवाओं, ईंधन और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति इजरायली मंजूरियों और पाबंदियों से प्रभावित रही है। इससे राहत सामग्री की आवाजाही धीमी हुई है और कई इलाकों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना मुश्किल हुआ है। संकट केवल सीमा चौकियों तक सीमित नहीं है। गाजा के भीतर भी राहत काफिलों को सैन्य अभियानों, आवाजाही पर प्रतिबंध और सड़कों तथा बुनियादी ढांचे के व्यापक विनाश के कारण गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी यानी यूएनआरडब्ल्यूए की भूमिका कमजोर किए जाने पर भी चिंता जताई गई है। दशकों से यह संस्था गाजा में राहत और मानवीय सहायता की प्रमुख व्यवस्था का हिस्सा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी पर बढ़ती पाबंदियों ने उसकी सहायता पहुंचाने की क्षमता को प्रभावित किया है। इसके कारण पहले से ही विस्थापन, भूख और तबाही का सामना कर रहे परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। खास तौर पर बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
रिपोर्ट का एक अहम निष्कर्ष यह है कि गाजा में समस्या सिर्फ इतनी नहीं है कि लोगों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं है। बड़ी चुनौती यह भी है कि जो सहायता उपलब्ध है, वह जरूरतमंदों तक सुरक्षित और नियमित रूप से कैसे पहुंचे। कई चरणों में फिलिस्तीनियों को भोजन हासिल करने के लिए खतरनाक इलाकों से गुजरना पड़ा है। लगातार विस्थापन, सड़कों और बुनियादी ढांचे की तबाही तथा राहत वितरण की अनियमित व्यवस्था ने भूख के संकट को और गंभीर बना दिया है।
गाजा का मानवीय संकट भोजन तक सीमित नहीं है। पानी और सीवेज व्यवस्था, अस्पतालों तथा स्वास्थ्य केंद्रों को भी ईंधन, उपकरण और जरूरी पुर्जों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विनाश के कारण गाजा को लगातार और व्यापक मानवीय अभियान की जरूरत है। लेकिन सहायता और लोगों की आवाजाही पर जारी प्रतिबंध राहत कार्यों को बाधित कर रहे हैं।
रिपोर्ट का कहना है कि गाजा के मानवीय संकट का समाधान केवल अस्थायी राहत पैकेट भेजने से नहीं होगा। इसके लिए सहायता की पर्याप्त और लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी तथा मानवीय संगठनों को पूरे गाजा में स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से काम करने की अनुमति देनी होगी। रिपोर्ट ने यूएनआरडब्ल्यूए जैसी स्थापित मानवीय संस्थाओं की भूमिका बहाल करने और राहतकर्मियों तथा मानवीय सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। गाजा में आज मानवीय सहायता महज राहत का सवाल नहीं रह गई है। भोजन, पानी, दवा और आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतें लाखों फिलिस्तीनियों के लिए जीवन और मौत के बीच की लड़ाई बन चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब तक सहायता की आवाजाही और वितरण पर मौजूद बाधाएं दूर नहीं होतीं, तब तक यह मानवीय संकट और गहरा सकता है।
