वेनिस: गाजा युद्ध पर बनी नई डॉक्यूमेंट्री ‘नाज़ा’ ने वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में जोरदार प्रतिक्रिया हासिल की। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के विश्व प्रीमियर के बाद दर्शकों ने करीब 25 मिनट तक खड़े होकर तालियां बजाईं। ऑस्कर विजेता फिल्मकार यूवाल अब्राहम और रेचल ज़ोर द्वारा निर्देशित यह डॉक्यूमेंट्री गाजा में इजरायली सैन्य अभियानों और वहां तैनात रहे सैनिकों के अनुभवों पर केंद्रित है। फिल्म प्रतिष्ठित गोल्डन लायन पुरस्कार की दौड़ में भी शामिल है।
24 पूर्व इजरायली सैनिकों की गवाही:
फिल्म में 24 पूर्व इजरायली सैनिकों और खुफिया अधिकारियों के बयान शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों ने गाजा में निगरानी व्यवस्था, लक्ष्यों के चयन और सैन्य अभियानों में अपनी भूमिका के बारे में बात की है। कुछ पूर्व सैनिकों ने सैन्य अभियानों के दौरान फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, फिल्म में किए गए दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं और उनके सत्यापन को ध्यान में रखना जरूरी है।
डॉक्यूमेंट्री में शामिल कुछ लोगों की पहचान और आवाज को छिपाने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ साक्षात्कार गुप्त रूप से रिकॉर्ड किए गए और डिजिटल तकनीक के जरिए प्रतिभागियों की पहचान सुरक्षित रखी गई। वेनिस में फिल्म को मिला कथित 25 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह पिछले वर्ष गाजा पर बनी एक अन्य चर्चित फिल्म को मिले स्वागत से भी लंबा बताया जा रहा है। निर्देशक यूवाल अब्राहम के मुताबिक, फिल्म का उद्देश्य गाजा युद्ध को लेकर मौजूद “इनकार की दीवार” को तोड़ना और सैन्य अभियानों में शामिल रहे लोगों की गवाही को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने लाना है।
गाजा युद्ध को लेकर दुनिया भर में जारी बहस के बीच ‘नाज़ा’ ने सिनेमा के मंच को भी युद्ध, नागरिकों की मौत और सैन्य जवाबदेही पर बहस का नया मंच बना दिया है। अब नजर इस बात पर है कि वेनिस फिल्म महोत्सव में गोल्डन लायन का खिताब किस फिल्म के नाम जाता है।
