गाजा के श्रम मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जारी युद्ध ने वहां के रोजगार और कामकाज के क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंत्रालय के मुताबिक, गाजा में बेरोजगारी की दर बढ़कर लगभग 68 प्रतिशत हो गई है।
गुरुवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि गाजा की लगभग 74 प्रतिशत आबादी ने अपना रोजगार खो दिया है। इनमें बेरोजगार लोग और वे लोग भी शामिल हैं जो अब काम की तलाश में नहीं हैं। इससे गाजा में पैदा हुए आर्थिक और सामाजिक संकट की गंभीरता का पता चलता है।
मंत्रालय ने कहा, “युद्ध ने केवल लोगों की जान और बुनियादी ढांचे को ही नुकसान नहीं पहुंचाया है, बल्कि रोजगार के क्षेत्र को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। इसका असर मजदूरों, नियोक्ताओं, कारोबारियों, स्नातकों और नौकरी की तलाश करने वाले लोगों पर पड़ा है।”

मंत्रालय ने कहा कि युद्ध में ठप हुए कारोबार और कंपनियों को दोबारा शुरू करना रोजगार के क्षेत्र को सुधारने के लिए बेहद जरूरी है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा, उनकी आय बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी।
युद्ध का सबसे बुरा असर युवाओं पर भी पड़ा है। मंत्रालय के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 74 प्रतिशत युवा अब पढ़ाई, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रोजगार से बाहर हैं।
मंत्रालय ने कहा कि वह मजदूरों की सुरक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा। इसके साथ ही रोजगार के क्षेत्र को व्यवस्थित करने, प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रमों को बढ़ाने तथा सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसा श्रम बाजार तैयार करने की कोशिश की जाएगी, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके।
