जेल में बंद उमर ख़ालिद को मिला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार, पिता ने डबलिन में ग्रहण किया सम्मान

भारतीय एक्टिविस्ट उमर ख़ालिद को एशिया-पैसिफ़िक श्रेणी में ‘फ़्रंट लाइन डिफेंडर्स अवॉर्ड फ़ॉर ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स एट रिस्क’ से सम्मानित किया गया। उमर ख़ालिद के तिहाड़ जेल में बंद होने के कारण उनके वालिद ने डबलिन स्थित ट्रिनिटी कॉलेज में उनकी ओर से यह अवॉर्ड ग्रहण किया।

आपको बता दें कि, छह साल से ज़्यादा वक़्त से जेल में बंद कार्यकर्ता और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पीएचडी छात्र उमर खालिद ने जोखिम में पड़े मानवाधिकार रक्षकों के लिए 2026 का पुरस्कार जीता है ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह पुरस्कार आयरलैंड स्थित मानवाधिकार संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स द्वारा प्रदान किया गया। खालिद पुरस्कार ग्रहण करने के लिए उपस्थित नहीं थे। वह 13 सितंबर, 2020 से बिना किसी मुकदमे के तिहाड़ जेल में बंद हैं।

इस युवा कार्यकर्ता को 2020 के दिल्ली दंगों के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल और विस्थापित हुए थे। मरने वालों में अधिकतर मुसलमान थे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *