इज़रायली सेना ने फिलिस्तीनियों की गाड़ियों में लगाई आग, ज़ैतून तोड़ने वाले किसानों पर हमला

इज़राइली सेना ने वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी किसानों की तरफ हिंसा और क्रूरता बढ़ा दी है। शुक्रवार को, इज़राइलियों ने नब्लस इलाके के कई गांवों और कस्बों में जैतून तोड़ने वाले फ़िलिस्तीनियों पर हमला किया और नब्लस के दक्षिण-पश्चिम में स्थित ‘तैल’ गांव में एक गाड़ी में आग लगा दी। जिसकी वजह किसानों की मुश्किलें और बढ़ गयी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इज़राइली कब्ज़ा करने वाली सेना ने फ़िलिस्तीनी ज़मीन मालिकों को उनके खेतों तक पहुँचने और जैतून की फ़सल काटने से रोका। इन हमलों ने जैतून की अहम फ़सल कटाई के मौसम के दौरान फ़िलिस्तीनी किसानों की सुरक्षा और उनकी खेती की ज़मीन तक उनकी पहुँच को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। स्थानीय और सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि कब्ज़ा बलों ने नब्लस के दक्षिण में तैल, जम्माइन, कुसरा, बेइता और ओसारिन गांवों; शहर के उत्तर-पश्चिम में सेबस्टिया और बेइता इमरीन; और नब्लस के पूर्व में बेइत फुरिक और बेइत दजान में जैतून तोड़ने वाले फ़िलिस्तीनियों को निशाना बनाया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कब्ज़ा बलों ने गांव के रहने वाले फ़िलिस्तीनी हमज़ा अहमद असद यामीन की गाड़ी में भी आग लगा दी, जिससे वह पूरी तरह जल गई। कुसरा में, इज़राइली सेना ने आँसू गैस के गोले और स्टन ग्रेनेड दागे, जिससे खेती की ज़मीन पर आग लग गई और फ़िलिस्तीनी ज़मीन मालिकों को जैतून की फ़सल काटने से रोका गया। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब जैतून की सालाना फ़सल कटाई का मौसम शुरू हो रहा है और फ़िलिस्तीनी किसानों के ख़िलाफ़ इज़राइली सेना की हिंसा बढ़ रही है। यह फ़सल हज़ारों फ़िलिस्तीनी परिवारों के लिए आय का एक ज़रूरी ज़रिया है, जिनमें से कई अपनी गुज़र-बसर के लिए जैतून के बागों पर निर्भर हैं। ताज़ा हमलों ने वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी किसानों, उनकी खेती की ज़मीन और उनकी संपत्ति को निशाना बनाकर किए जाने वाले और हमलों को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

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