अज़रबैजान में हिजाब पर बैन! स्कूल गेट पर रोईं बच्चियाँ

क्या हिजाब पहनना एक जुर्म है। स्कूलों में गेट बंद है और बाहर कई लड़कियाँ बेबस खड़ी है। इनमें छोटी बच्चियाँ भी और बड़ी लड़कियाँ भी शामिल है। जो कमर पर बैग लटकाए स्कूल के मेन गेट के बाहर रोती नज़र आईं। अज़रबैजान में स्कूलों में हिजाब पहनने वाली छात्राओं को कक्षाओं में प्रवेश से रोकने और महिला शिक्षकों को हिजाब उतारने के लिए कहे जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाकू समेत कई इलाकों में छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और प्रदर्शन किए। गृह मंत्रालय ने 37 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है। मंत्रालय का आरोप है कि उन्होंने झड़पें कीं और स्कूलों के कामकाज में बाधा डाली। इस मामले में आपराधिक केस भी दर्ज किया गया है।

अज़रबैजान में नए स्कूल ड्रेस कोड के कारण हिजाब पहनने वाली छात्राओं को कक्षाओं में प्रवेश से रोके जाने का मामला सामने आया है। छात्राओं ने नए नियमों के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार किया और प्रदर्शन शुरू कर दिए। अजरबैजान की लगभग 96% आबादी मुस्लिम है, लेकिन देश का संविधान उसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करता है।

इसी कुछ हिजाबी टीचर्स ने स्कूलों के बाहर ही हिजाबी लड़कियों को पढ़ाना शुरू कर दिया जिसके सम्मान में स्कूल की ग़ैर-हिजाबी टीचर्स भी शामिल हुई। इस बात से साफ पता चलता है कि पढ़ाई के रास्ते में हिजाब कभी रुकावट नहीं बन सकता।


जेल में बंद पत्रकार पोलाद असलानोव ने कथित संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के विरोध में भूख हड़ताल शुरू की है।  हिजाब विवाद को लेकर तुर्किये के इस्तांबुल में भी प्रदर्शन हुए और अजरबैजान सरकार से ड्रेस कोड नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।

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