हिंदुस्तान की आज़ादी की जंग में सैयद मीर निसार अली, जिन्हें लोग टीपू मीर के नाम से जानते हैं, का अहम मुक़ाम है। 1782 में…
View More सैयद मीर निसार अली – आज़ादी के पहले जांबाज़लेखक: Fizza Khan
अनीस बेगम किदवई : आज़ादी और इंसानियत की आवाज़
अनीस बेगम किदवई का नाम आज़ादी की लड़ाई और इंसानियत की सेवा, दोनों से जुड़ा हुआ है। 1906 में बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) में पैदा हुईं…
View More अनीस बेगम किदवई : आज़ादी और इंसानियत की आवाज़वडोदरा की बेटी का कमाल: सौर ऊर्जा से चलने वाली सैनिकों की वर्दी
भारत की युवा पीढ़ी किस तरह नई सोच और तकनीक से देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता में अहम भूमिका निभा सकती है, इसका शानदार उदाहरण…
View More वडोदरा की बेटी का कमाल: सौर ऊर्जा से चलने वाली सैनिकों की वर्दीगाज़ा सिटी में 1,000 से अधिक इमारतें तबाह, राहत कार्य ठप: सिविल डिफ़ेंस
गाज़ा सिटी, फिलिस्तीनी सिविल डिफ़ेंस ने बताया है कि 6 अगस्त से शुरू हुए इज़राइली आक्रमण में गाज़ा सिटी के ज़ैतून और सबरा इलाक़ों में…
View More गाज़ा सिटी में 1,000 से अधिक इमारतें तबाह, राहत कार्य ठप: सिविल डिफ़ेंसगाज़ा में आकाल — इंसानियत की नाकामी : यूएन चीफ़
गाज़ा सिटी और उसके आसपास के इलाक़ों में भूख और भुखमरी की स्थिति अब आधिकारिक तौर पर आकाल (famine) मानी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र…
View More गाज़ा में आकाल — इंसानियत की नाकामी : यूएन चीफ़अर्बीना तबस्सुम – मेहनत से लिखी कामयाबी की नई कहानी
कश्मीर की वादियों से एक और सुनहरी कामयाबी की खबर आई है। शोपियां ज़िले के हंदेव गाँव की बेटी अर्बीना तबस्सुम (बरजिस) ने NEET 2025…
View More अर्बीना तबस्सुम – मेहनत से लिखी कामयाबी की नई कहानीनवाब सैय्यद मोहम्मद – आज़ादी और इत्तेहाद के पैरोकार
नवाब सैय्यद मोहम्मद, मीर हमायूं बहादुर के बेटे और टीपू सुल्तान के ख़ानदान से ताल्लुक़ रखते थे। वे न सिर्फ़ अमीर मुसलमानों में शुमार थे,…
View More नवाब सैय्यद मोहम्मद – आज़ादी और इत्तेहाद के पैरोकारऔरतों का दस्ते बनाकर अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाली अज़ीज़न बाई
1857 की ग़दर की कहानी अज़ीज़न बाई के बिना अधूरी है। 1832 में लखनऊ में पैदा हुईं अज़ीज़न बाई ने नवाब शमशुद्दीन की शहादत के…
View More औरतों का दस्ते बनाकर अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाली अज़ीज़न बाईहिंदुस्तान की आज़ादी के पहले बेबाक सिपाही अज़ीमुल्ला ख़ान, जिन्होंने जंग-ए-आज़ादी 1857 की नींव रखी।
हिंदुस्तान की पहली जंग-ए-आज़ादी 1857 में कई ऐसे नाम उभरे जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत की बुनियाद हिला दी। उन्हीं में एक थे अज़ीमुल्ला ख़ान, जो अपनी…
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हिंदुस्तान की आज़ादी की तहरीक़ में महिलाओं ने बे-मिसाल क़ुर्बानियाँ दीं। इन्हीं में से एक नाम है सुग़रा ख़ातून का। बिहार के आज़ादी के जलसों…
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