भारत में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) सबसे बड़ी चुनौती साबित होती है। इस बार…
View More 81% छात्र असफल, लेकिन नूंह की सनोवर ने रची सफलता की कहानीटैग: india
तैय्यबा अफ़रोज़ः बिहार की पहली मुस्लिम महिला पायलट
तैय्यबा अफ़रोज़ की ज़िंदगी उन ख़्वाबों की मिसाल है, जिन्हें हिम्मत और मेहनत के पंख मिलते हैं। सोशल मीडिया बायो में वो खुद को “Pilot…
View More तैय्यबा अफ़रोज़ः बिहार की पहली मुस्लिम महिला पायलटमज़हरुल हक़ – बिहार की आवाज़ और आज़ादी का परचम
मौलाना मज़हरुल हक़ का नाम हिंदुस्तान की तहरीक-ए-आज़ादी में एक ऐसी शख़्सियत के तौर पर लिया जाता है, जिन्होंने इल्म, क़लम और क़ौमी जज़्बे से…
View More मज़हरुल हक़ – बिहार की आवाज़ और आज़ादी का परचमग़ुलामी के ख़िलाफ़ बुलंद नारा – ज़ाहिदा ख़ातून शेरवानिया
अलीगढ़ के क़रीब क़िला भीकमपुर में पैदा हुई ज़ाहिदा ख़ातून शेरवानिया का ताल्लुक़ एक तालीमयाफ़्ता और रौशन-ख़याल ख़ानदान से था। उनके वालिद नवाब मोहम्मद मुज़म्मिल…
View More ग़ुलामी के ख़िलाफ़ बुलंद नारा – ज़ाहिदा ख़ातून शेरवानियाआज़ादी की जद्दोजहद में रेहाना तैयबजी का योगदान
26 जनवरी 1900 को बड़ौदा (गुजरात) में पैदा हुईं रेहाना तैय्यबजी, मशहूर शख़्सियत अब्दुल क़य्यूम तैय्यबजी और अमीनी तैय्यबजी की बेटी थीं। बचपन से ही…
View More आज़ादी की जद्दोजहद में रेहाना तैयबजी का योगदानआज़ादी की जंग के बेबाक सिपाही – बदरूद्दीन तैयबजी
बदरूद्दीन तैयबजी का ख़ानदान अहमदाबाद से ताल्लुक़ रखता था। इल्म हासिल करने के बाद उन्होंने अलीगढ़ और इंग्लैंड से ऊँची तालीम पाई। साल 1883 में…
View More आज़ादी की जंग के बेबाक सिपाही – बदरूद्दीन तैयबजीनात की दुनिया में चमकता सितारा – आयशा अब्दुल बासित
केरल की 20 वर्षीय आयशा अब्दुल बासित आज न सिर्फ़ अपने राज्य में, बल्कि दुनिया के 80 से ज़्यादा देशों में अपनी रूहानी आवाज़ से…
View More नात की दुनिया में चमकता सितारा – आयशा अब्दुल बासितआज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़म
आबदी बानो बेग़म, जिन्हें बी अम्मा कहा जाता है, का जन्म 1852 में उत्तर प्रदेश के अमरोहा (मुरादाबाद) में हुआ। उस वक़्त औरतों के लिए…
View More आज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़मग़रीबों के मसीहा और आज़ादी के सिपाही – डॉ. मुख़्तार अंसारी
हिंदुस्तान की तहरीक-ए-आज़ादी में डॉ. मुख़्तार अंसारी का नाम सुनहरे हरफ़ों में लिखा जाता है। एक कामयाब सर्जन होने के बावजूद उन्होंने अपनी ज़िन्दगी का…
View More ग़रीबों के मसीहा और आज़ादी के सिपाही – डॉ. मुख़्तार अंसारी23 साल की उम्र में केरल की सबसे कम उम्र की मुस्लिम महिला IAS बनीं सफ़ना नज़रुद्दीन
सफ़ना नज़रुद्दीन इस बात की मिसाल हैं कि अगर इंसान पूरी लगन से सपने देखे और उनके लिए मेहनत करे, तो कोई मंज़िल मुश्किल नहीं…
View More 23 साल की उम्र में केरल की सबसे कम उम्र की मुस्लिम महिला IAS बनीं सफ़ना नज़रुद्दीन