काकोरी क्रांतिकारी एक्शन शताब्दी वर्ष : अमर शहीद अशफाक उल्ला खान का अंतिम पैगाम बिरादरे वतन के नाम बिरादरे वतन की खिदमत में उनके इस…
View More “अशफाक उल्ला खान का अंतिम खत: मजहब से ऊपर वतन की पुकार”श्रेणी: opinion
“बहादुर शाह ज़फर: शाही तख़्त से रंगून की तन्हा कैद तक”
जब बहादुर शाह ज़फर का जन्म हुआ, तब अंग्रेज़ हिंदुस्तान में अभी सिर्फ तटीय इलाकों में अपनी पकड़ बना पाए थे। वे तीन जगहों—कलकत्ता, मद्रास…
View More “बहादुर शाह ज़फर: शाही तख़्त से रंगून की तन्हा कैद तक”“मोहम्मद शाह रंगीला: उर्दू अदब का सुनहरा दौर और मुगल सल्तनत का ढलता सूरज”
आज के दिन ही, 7 अगस्त 1702 ई. के दिन गजनी (अफगानिस्तान) में मोहम्मद शाह की पैदाइश हुई थी। मोहम्मद शाह औरंगजेब के परपोते थे,…
View More “मोहम्मद शाह रंगीला: उर्दू अदब का सुनहरा दौर और मुगल सल्तनत का ढलता सूरज”“उस्मानी ताज से हैदराबादी तख़्त तक: जब ख़लीफ़ा की शहज़ादी बनी निज़ाम की बहू”
प्रिंसेस दुर्रे शहवर सल्तनत ए उस्मानिया के आखिरी ख़लीफ़ा सुल्तान अब्दुल मजीद II की बेटी थीं इनकी शादी हैदराबाद के निज़ाम मीर उस्मान अली खान…
View More “उस्मानी ताज से हैदराबादी तख़्त तक: जब ख़लीफ़ा की शहज़ादी बनी निज़ाम की बहू”“दिल्ली से दक्कन तक: औरंगजेब की फतेह और आर्थिक महाशक्ति की दास्तान
मुराद जेल में था, शाहजहां क़ैद में था और दारा भगोड़ा साबित हो चुका था ऐसे में औरंगजेब ने 31 जुलाई 1658 के दिन दिल्ली…
View More “दिल्ली से दक्कन तक: औरंगजेब की फतेह और आर्थिक महाशक्ति की दास्तान“एक खत, एक जंग और उस्मानी सल्तनत की हुई शिकस्त”
आज के दिन ही, 20 जुलाई 1402 ई. को 15वीं सदी की दुनिया दो बड़ी ताकतें अंकारा के मैदान में एक दूसरे के आमने-सामने आ…
View More “एक खत, एक जंग और उस्मानी सल्तनत की हुई शिकस्त”“जब फकीर ने दुआ दी और अलाउद्दीन बन गया दिल्ली का सुल्तान”
आज के दिन ही, 19 जुलाई 1296 ई. को, सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी के क़त्ल के बाद दिल्ली का ताज सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी को मिला था।…
View More “जब फकीर ने दुआ दी और अलाउद्दीन बन गया दिल्ली का सुल्तान”“फिराक गोरखपुरी: शायरी का बागी और मोहब्बत का फकीर”
रह-रह कर सिगरेट के कश भरना, चुटकी बजाकर राख को झाडऩा, बीच-बीच में बड़ी-बड़ी चमकती आंखें फैलाकर अपने तर्क की मजबूती से सामने वाले को…
View More “फिराक गोरखपुरी: शायरी का बागी और मोहब्बत का फकीर”इमाम हुसैन के लिए जान की बाज़ी लगाने वाले हुसैनी ब्राह्मणों की कहानी
– अशोक कुमार पांडे कर्बला में एक जगह है – अज-दयार-उल-हिंदिया यानी हिंदुओं के रहने की जगह। चौदह सौ साल पहले की बात है कि…
View More इमाम हुसैन के लिए जान की बाज़ी लगाने वाले हुसैनी ब्राह्मणों की कहानी“थरूर की बौद्धिक राजनीति और राहुल का सामाजिक प्रतिरोध”
– प्रशांत टंडन कांग्रेस को शशि थरूर से पूछना चाहिए कि पार्टनर तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है? कुछ साल पहले की बात है एक इंटरव्यू बोर्ड…
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