उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ यति नरसिंहानंद की विवादास्पद टिप्पणी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था के संतों और पुजारियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा।
आदित्यनाथ ने कहा, “हर आस्था का सम्मान होना चाहिए। अगर कोई महापुरुषों या देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करता है, तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी।”
यह बयान उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस अधिकारियों के साथ त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “विरोध के नाम पर अराजकता, तोड़फोड़ या आगजनी बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” और ऐसे किसी भी प्रयास के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यति नरसिंहानंद का विवादित बयान
गाजियाबाद के पुजारी यति नरसिंहानंद ने हाल ही में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनके सहयोगियों का कहना है कि उन्हें गाजियाबाद में हिरासत में लिया गया था, लेकिन यूपी पुलिस ने अभी तक इस पर कोई पुष्टि नहीं की है।
इस टिप्पणी के विरोध में कई मुस्लिम संगठनों और राजनीतिक दलों, जैसे बसपा और समाजवादी पार्टी, ने नरसिंहानंद की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
