स्लोवेनिया ने इसराइयल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और दो मंत्रियों इतामार बेन-गवीर और बेज़ालेल स्मोट्रिच को देश में प्रवेश से रोक दिया है। सरकार ने उन्हें “पर्सोना नॉन ग्राटा” घोषित कर दिया, जिसका मतलब है कि अब ये नेता स्लोवेनिया में कदम नहीं रख सकेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के गिरफ्तारी वारंट के बाद आया है। वारंट में नेतन्याहू पर गाज़ा पट्टी में युद्ध अपराध करने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, बेन-गवीर और स्मोट्रिच को उनके “जनसंहारक बयानों” और फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का जिम्मेदार ठहराया गया है।
यह कदम ऐसे समय में लिया गया, जब कई यूरोपीय देश इसराइयल पर दबाव बढ़ा रहे हैं। कुछ देशों ने हथियारों का निर्यात रोक दिया है और कई ने फ़लस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है। स्लोवेनिया भी शुरुआत से ही इसराइयल के खिलाफ सख्त रुख अपनाने वाले देशों में शामिल रहा है।
इसी बीच, नेतन्याहू का विमान हाल ही में अमेरिका जाते समय फ्रांस के हवाई क्षेत्र से बचता हुआ गया, माना जा रहा है कि उन्होंने यह रास्ता कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए चुना।
उधर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के विशेषज्ञों ने फीफ़ा और यूईएफए से मांग की है कि गाज़ा में जारी हालात के चलते इसराइयल को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मुकाबलों से बाहर किया जाए।
Image source: palinfo
