गाज़ा संकट पर ट्रंप–नेतन्याहू का नया शांति प्रस्ताव

वॉशिंगटन/यरुशलम — गाज़ा में जारी हिंसा और मानवीय संकट को देखते हुए अमेरिका और इसराइल ने एक नई शांति योजना का ऐलान किया है। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक योजना पर सहमति जताई और हमास से इसे तुरंत स्वीकार करने की अपील की। ट्रंप ने इस मौके को “शांति के लिए ऐतिहासिक दिन” बताया, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमास प्रस्ताव ठुकराता है तो अमेरिका इज़राइल के साथ खड़ा रहेगा। मतलब प्रस्ताव भी और धमकी भी |

योजना के अनुसार गाज़ा में तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकी जाएगी। हमास को 72 घंटे के भीतर 20 जीवित इसराइली बंधकों को रिहा करना होगा और लगभग 20 मृत बंधकों के शव लौटाने होंगे। समझौते में यह भी तय किया गया, कि हर इसराइली शव की वापसी पर इसराइल 15 गाज़ावासियों के शव सौंपेगा। इस दौरान गाज़ा पट्टी में व्यापक स्तर पर मानवीय सहायता पहुंचाने का वादा किया गया है।

योजना की अहम शर्तों में हमास द्वारा हथियार त्यागना, सुरंगों और हथियार निर्माण स्थलों को नष्ट करना शामिल है। इस प्रस्ताव का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गाज़ा के शासन में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे भविष्य में फ़लस्तीनी राष्ट्र के रास्ते खुले रहेंगे।

फ़लस्तीनी अथॉरिटी ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे युद्ध समाप्त करने और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीर कदम बताया है। हालांकि नेतन्याहू ने साफ कहा कि यदि हमास इस योजना को अस्वीकार करता है या उसका पालन नहीं करता, तो “इज़राइल अपने काम को अंजाम तक लेकर जाएगा।”

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