बाबा चैतन्यानंद के फर्जीवाड़ों की पोल अब पूरी तरह खुल गई है। खुद को बड़े रसूखदार और हाई प्रोफाइल दिखाने के लिए उसने न केवल धोखाधड़ी की, बल्कि लोगों को भी गुमराह किया। हाल ही में उसके पास प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र मिला है, जिसमें उसने खुद को प्राइम मिनिस्टर एडवाइजरी काउंसिल ऑफ एजुकेशन का मेंबर बताया।
इतना ही नहीं, उसने फरीदाबाद के मानव रचना स्कूल को पत्र लिखकर खुद को मिनिस्टर ऑफ स्टेट बताया। चैतन्यानंद ने लोगों के बीच अपनी छवि बड़ी दिखाने के लिए फर्जी तस्वीरों का भी सहारा लिया।
पहली तस्वीर में वह सीएम योगी के साथ बराबर की कुर्सी पर बैठा दिखाई देता है। यह फोटो पूरी तरह फोटोशॉप्ड है और असली नहीं है।

दूसरी तस्वीर में वह सीएम योगी और बाबा रामदेव के साथ खड़ा है। इस तस्वीर को भी फर्जी तरीके से बनाया गया है।

तीसरी तस्वीर में वह सीएम सिद्धारमैया के साथ बातचीत करता दिखाई देता है। तस्वीर देखकर ऐसा लगता है कि दोनों करीबी हैं और किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन यह भी पूरी तरह से फर्जी है।

चैतन्यानंद का यह फर्जीवाड़ा आश्रम के छात्रों और जनता के बीच अपनी “हाई प्रोफाइल” छवि बनाए रखने के लिए था। अब उसके हर फर्जी कारनामे की पोल खुल चुकी है और विवादों में वह पूरी तरह घिर गया है।
