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मैसूर की 15 वर्षीय रिफाह तसकीन कम उम्र में ही देशभर में पहचान बना चुकी हैं। और आश्चर्य की बात यह है कि रिफाह ने सिर्फ तीन साल की उम्र में गाड़ी चलाना शुरू कर दिया था। उनके पिता ताजुद्दीन, जो पहले रेसर रह चुके हैं, शुरू से ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे। पाँच साल की उम्र में रिफाह मैसूर से बेंगलुरु तक गाड़ी चला चुकी थीं और छह साल की उम्र में स्कूल कार्यक्रमों में अपने स्टंट और ड्रिफ्ट से सबको हैरान कर देती थीं।
उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में बहन शिफा और नागेश नाम के एक लड़के ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2017 में कई सरकारी दिक्कतों के बाद आखिरकार रिफाह को विशेष अनुमति मिली। 5 नवंबर 2017 को उन्होंने ट्रक समेत कई बड़े वाहन चलाकर Golden Book of World Records में जगह बनाई। आज रिफाह के नाम सात विश्व-रिकॉर्ड्स हैं। वह जेसीबी, क्रेन, रोड रोलर, बस, एसयूवी, टिपर, लंबी बाइक सब आसानी से चला लेती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, आठ साल की उम्र में उन्होंने दो-सीटर विमान भी उड़ाया।
इसके अलावा रिफाह समाज सेवा में भी आगे हैं। वह पाँच साल से मैसूर नगर निगम की स्वच्छता एंबेसडर और चार साल तक टीबी राज्य एंबेसडर रही हैं। राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाक़ात ने उन्हें और मजबूत बनाया। आगे चलकर वह IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।
