अल-ख़लील की ऐतिहासिक इब्राहीमी मस्जिद को लेकर हालात एक नए मोड़ पर पहुँच गए हैं। फ़िलिस्तीन इन्फ़ॉर्मेशन सेंटर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इसरायली कब्ज़ा प्रशासन ने मस्जिद के आंतरिक प्रांगण को ज़ब्त करने का ताज़ा आदेश जारी किया है जिसे स्थल की स्थिति में एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक बदलाव माना जा रहा है।
मस्जिद के निदेशक मुताज़ अबू स्नीनेह ने बताया कि इस निर्णय के साथ कब्ज़ा फ़ोर्सेज़ ने मस्जिद की बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उनके अनुसार, यह कदम अंतरराष्ट्रीय समझौतों और धार्मिक–सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़ी संधियों के अनुरूप नहीं है।
अल-ख़लील की कार्यवाहक मेयर असमा अल-शरबती ने कहा कि यह आदेश इब्राहीमी मस्जिद की स्थिति को सीधे प्रभावित करता है। उन्होंने याद दिलाया कि यह स्थल UNESCO की “खतरे में पड़ी विश्व विरासत सूची” में पहले से दर्ज है, जिसके संरक्षण की ज़िम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य है।
अबू स्नीनेह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में मस्जिद पर होने वाले उल्लंघनों में स्पष्ट वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, कब्ज़ा प्रशासन मस्जिद पर समय और स्थान विभाजन की नीति से आगे बढ़कर अब पूर्ण नियंत्रण की दिशा में काम कर रहा है जिसमें मस्जिद की वास्तुकला, प्रशासनिक ढाँचे और उपयोगकर्ताओं की उपस्थिति से जुड़े बदलाव शामिल हो सकते हैं।
