2025 में 56 फ़िलिस्तीनी पत्रकारों की हत्या, मीडिया पर बढ़ता ख़तरा

ग़ज़ा के गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में अपनी पेशेवर ड्यूटी निभाते हुए 56 फ़िलिस्तीनी पत्रकारों की जान चली गई। रिपोर्ट बताती है कि फ़िलिस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ चल रही कथित जनसंहार मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल 275 पत्रकार मारे जा चुके हैं।

इसके अलावा तीन पत्रकार अब भी लापता हैं, जिनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। घटनाओं की रिपोर्टिंग के दौरान 420 से अधिक पत्रकार घायल हुए हैं। ये आँकड़े दिखाते हैं, कि ज़मीनी सच्चाई दिखाने वाले पत्रकार कितने ख़तरनाक हालात में काम कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक़, 50 पत्रकारों को गिरफ़्तार किया गया और उन्हें यातनाएँ दी गईं, जो अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और युद्ध के समय पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का खुला उल्लंघन है। गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने इसे फ़िलिस्तीनी आवाज़ और सच्चाई को दबाने की सोची-समझी कोशिश बताया है।

बयान में कहा गया है कि फ़िलिस्तीनी पत्रकारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है ताकि सच दुनिया तक न पहुँच सके। इसके बावजूद, फ़िलिस्तीनी पत्रकार साहस के साथ सच्चाई सामने लाते रहे हैं।

ये रिपोर्ट 31 दिसंबर को मनाए जाने वाले फ़िलिस्तीनी पत्रकार प्रशंसा दिवस से पहले जारी की गई है, जो उन पत्रकारों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने बेहद कठिन हालात में भी सच्चाई और इंसाफ़ के लिए अपनी आवाज़ बुलंद रखी।

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