क़ब्ज़े वाले यरुशलम के दक्षिण-पूर्व में स्थित अल-ईज़रिय्या कस्बा एक बार फिर शुक्रवार शाम गोलियों की आवाज़ से दहल उठा, जब इज़राइली पुलिस बलों ने नागरिकों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस कार्रवाई में 15 वर्षीय फ़िलिस्तीनी किशोर मुस्तफ़ा अबू मदकूर गंभीर रूप से घायल हो गया।
यरुशलम गवर्नरेट के अनुसार, इज़राइली पुलिस की एक विशेष इकाई सिविलियन वाहन में सवार होकर अल-ईज़रिय्या में दाख़िल हुई। क़नातर इलाके के पास मौजूद नागरिकों के एक समूह को निशाना बनाते हुए पुलिस ने भारी फायरिंग की। इस गोलीबारी में अबू दीस का रहने वाला मुस्तफ़ा अबू मदकूर गोलियों की चपेट में आ गया। उसे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी हालत बेहद नाज़ुक हो गई।
घटना के बाद हालात और भी गंभीर हो गए जब इज़राइली सैनिकों ने एम्बुलेंस कर्मियों और स्थानीय निवासियों को घायल किशोर तक पहुँचने से रोक दिया। यरुशलम गवर्नरेट के मुताबिक़, एक घंटे से अधिक समय तक मुस्तफ़ा को चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। काफ़ी देर बाद एक एम्बुलेंस टीम घटनास्थल तक पहुँचने में सफल हुई। प्राथमिक उपचार के बाद घायल किशोर को रामल्लाह स्थित फ़िलिस्तीन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई गई।
