सिलवान में एक और घर उजड़ा: फ़िलिस्तीनी नागरिक को अपने ही हाथों से तोड़ना पड़ा आशियाना

कब्ज़े वाले यरुशलम के सिलवान इलाके से एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक फ़िलिस्तीनी नागरिक को अपने ही हाथों से अपना घर गिराने पर मजबूर कर दिया गया। अल-बुस्तान मोहल्ले में रहने वाले जुमआ मोहम्मद कराईन ने शुक्रवार को भारी दिल के साथ अपना आशियाना खुद ध्वस्त किया।

यह घर सिर्फ़ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं था, बल्कि एक परिवार की यादों, मेहनत और सुकून का ठिकाना था। दो कमरों और एक बाथरूम वाले इस घर को लगभग 500 वर्ग मीटर ज़मीन पर बनाया गया था। लेकिन इज़रायली प्रशासन के आदेश के बाद कराईन के सामने दो ही रास्ते बचे थे या तो अपना घर खुद गिराएँ, या फिर नगरपालिका की कार्रवाई के बाद भारी जुर्माना और ध्वस्तीकरण का खर्च भी भरें।

आख़िरकार उन्होंने अपने ही हाथों से अपने सपनों को टूटते हुए देखा। सिर्फ़ घर ही नहीं, उन्हें अपनी ज़मीन पर लगे पेड़ भी हटाने पड़े और संपत्ति के चारों ओर लगी धातु की चादरों को भी उखाड़ना पड़ा।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, फ़िलिस्तीनी परिवारों को अक्सर ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है, जहाँ उन्हें मजबूरी में अपने ही घरों को गिराना पड़ता है ताकि वे बेहद भारी आर्थिक दंड से बच सकें। यह सिर्फ़ मकानों का ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी, उनकी उम्मीदों और उनके सुरक्षित भविष्य पर लगातार पड़ता दबाव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *