जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफ़ादी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध और उसके असर पर ध्यान देते समय गाज़ा पट्टी में जारी मानवीय संकट को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
मंगलवार को जारी एक बयान में सफ़ादी ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध पर चर्चा और उसकी परिस्थितियों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे गाज़ा में जारी मानवीय तबाही से दुनिया का ध्यान नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गाज़ा से संबंधित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की योजना को लागू करने की प्रक्रिया को तेज़ किया जाना चाहिए, ताकि वहां की स्थिति में सुधार लाया जा सके।
सफ़ादी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) में इज़राइल द्वारा उठाए जा रहे “ग़ैरकानूनी” कदमों के खतरे को गंभीरता से समझे। उन्होंने कहा कि इज़राइल वेस्ट बैंक को अपने साथ मिलाने की कोशिशें जारी रखे हुए है, जिससे दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाएं कमजोर हो रही हैं। उनके अनुसार यही समाधान क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है।
इसके अलावा जॉर्डन के विदेश मंत्री ने रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिद अल-अक़्सा में मुसलमानों के प्रवेश पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कब्ज़े वाले यरूशलम में इज़राइल द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता पर लगाए गए हालिया प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय क़ानून और एक कब्ज़ा करने वाली ताकत के रूप में उसकी जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
सफ़ादी ने चेतावनी दी कि रमज़ान के दौरान मुसलमानों को मस्जिद अल-अक़्सा तक पहुंचने से रोकना गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।
