फैक्ट चेक: मणिपुर में भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 लोगों की मौत का दावा भ्रामक

मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक पाया गया है।

दरअसल, मणिपुर में एक हमले में दो बच्चों की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। इसी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स और कथित प्रोपेगेंडा हैंडल्स ने गलत तरीके से पेश किया।

एक यूजर ने अंग्रेजी में लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है—
भारतीय सेना ने मणिपुर में 200 से ज़्यादा लोगों का नरसंहार किया है, जबकि भारतीय मीडिया इस पर चुप है और मानवाधिकार संगठन इस ख़बर को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। कब्ज़े वाले मणिपुर की यही स्थिति है। इसके बावजूद, भारतीयों में बलूचिस्तान पर प्रोपेगैंडा फ़िल्में बनाने की हिम्मत है।

इसके अलावा, बांग्लादेशी पत्रकार Tanvir Chowdhury (@tanvirbengal) ने भी यही दावा दोहराया कि भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 लोगों की मौत हुई है।

फैक्ट चेक ?

Times Headline की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल दावे की जांच की और पाया कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मणिपुर में भारतीय सेना द्वारा 200 लोगों की हत्या जैसी कोई घटना नहीं हुई है।

जांच के दौरान वायरल वीडियो को ट्रेस किया गया, जो  Hindustan Times के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर भी साझा किया गया था। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई थी कि मणिपुर में एक भीड़ ने CRPF कैंप पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद फायरिंग हुई। यह घटना मोइरांग इलाके की है, जहां दो बच्चों की मौत के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने तेल के टैंकरों में आग लगा दी थी।

इसके अलावा, विभिन्न विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स जैसे दैनिक भास्कर और इंडियन एक्सप्रेस में बताया गया कि बिष्णुपुर जिले में एक घर पर रॉकेट जैसे हमले में एक चार साल के बच्चे और उसकी नवजात बहन की मौत हो गई। इस घटना के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दो नागरिकों की मौत हुई।

पुलिस ने क्या कहा?

मामले की पुष्टि के लिए मणिपुर पुलिस के आधिकारिक बयान को भी देखा गया। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि 200 लोगों की मौत का दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।

पुलिस के अनुसार—
यह खबर फेक और गुमराह करने वाली है। ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं। बिष्णुपुर ज़िले में सुरक्षा बलों (SFs) की एक चौकी पर लगभग 400 लोगों की हिंसक भीड़ ने हमला किया था। भीड़ द्वारा गाड़ियों में आग लगाने और बैरकों को तोड़ने के बाद सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग घायल हो गए। सोशल मीडिया पर ऐसी झूठी बातें फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

Times Headline के फैक्ट चेक से यह साफ हो जाता है कि मणिपुर में भारतीय सेना द्वारा 200 लोगों को मारने का दावा पूरी तरह फर्जी है। वास्तविकता यह है कि एक हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हुई थी, जिसे बढ़ा-चढ़ाकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस तरह के दावों से सतर्क रहने की जरूरत है।

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