फैक्ट चेक: 2013 की तस्वीर को हालिया बताकर LOC पर पाकिस्तानी फायरिंग में भारतीय सैनिकों के शहीद होने का दावा भ्रामक

सोशल मीडिया पर इन दिनों तिरंगे में लिपटे ताबूतों की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स इस तस्वीर को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि नियंत्रण रेखा यानी (LoC) पर भारत की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की। दावा किया जा रहा है कि इस गोलीबारी में कई भारतीय सैनिक मारे गए।

तस्वीर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा: ‘ब्रेकिंग न्यूज़। इंडियन आर्मी ने एक बार फिर मंडल सेक्टर में सीज़फ़ायर तोड़ा, आम लोगों को निशाना बनाकर मोर्टार से हमला किया। पाकिस्तान ने ज़ोरदार जवाब दिया, इंडियन आर्मी की कुमार टॉप पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया और खबर है कि कई सैनिक मारे गए। पाक के जवाब के बाद फिलहाल शांति है।’

फैक्ट चेक

Times Headline की टीम ने जब इस वायरल दावे की जांच की तो तस्वीर की सच्चाई कुछ और ही निकली।

रिवर्स इमेज सर्च करने पर यह तस्वीर स्टॉक फोटो वेबसाइट Shutterstock पर मिली। वहां दी गई जानकारी के अनुसार, यह फोटो 6 अगस्त 2013 की है। कैप्शन में बताया गया है कि भारतीय सेना के जवान उन सैनिकों के ताबूतों के पास खड़े हैं, जिन्हें पाकिस्तानी घुसपैठियों ने पुंछ स्थित ब्रिगेड मुख्यालय में हमला कर मार दिया था। यह स्थान जम्मू से लगभग 240 किलोमीटर दूर है।

इससे स्पष्ट होता है कि वायरल की जा रही तस्वीर हालिया घटना से जुड़ी नहीं है, बल्कि 2013 की है।

क्या LOC पर हाल में गोलीबारी हुई?

आगे की जांच में नियंत्रण रेखा पर हालिया घटनाओं को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स खंगाली गईं। कुछ रिपोर्ट्स में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन और भारतीय चौकियों पर फायरिंग की खबरें जरूर प्रकाशित हुई हैं, लेकिन इनमें किसी भी भारतीय सैनिक के हताहत होने की पुष्टि नहीं की गई है।

इसके अलावा, भारतीय सेना की 16वीं कोर (White Knight Corps) के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर 19 फरवरी 2026 की एक पोस्ट मिली। पोस्ट के अनुसार, नियंत्रण रेखा के पास सुंदरबनी के नाथुआ टिब्बा इलाके में आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि का इनपुट मिला था। सतर्कता बरतते हुए सेना ने जवाबी कार्रवाई की और घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। साथ ही, क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान हथियार भी बरामद किए गए।

हालांकि, इस आधिकारिक जानकारी में भी किसी भारतीय सैनिक के शहीद होने का उल्लेख नहीं है।

निष्कर्ष

Times Headline की जांच में साफ होता है कि तिरंगे में लिपटे ताबूतों की वायरल तस्वीर हालिया नहीं, बल्कि वर्ष 2013 की है। साथ ही, नियंत्रण रेखा पर हाल की फायरिंग में किसी भारतीय सैनिक के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा भ्रामक और पुरानी तस्वीर के जरिए गुमराह करने वाला है।

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