बंबई के मशहूर मेमन ख़ानदान में 4 फ़रवरी 1903 को जन्मी फ़ातिमा इस्माइल ने अपना जीवन देश और समाज की सेवा को समर्पित किया। सियासी…
View More फ़ातिमा इस्माइल : आज़ादी और समाजसेवा की सशक्त आवाज़श्रेणी: Popular
अब्दुल मजीद ख़्वाजा : तालीम और आज़ादी के सिपाही
अलीगढ़ के ज़मींदार ख़ानदान में 1885 में जन्मे अब्दुल मजीद ख़्वाजा ने अपनी पूरी ज़िंदगी मुल्क की आज़ादी और तालीम के लिए समर्पित की। कैम्ब्रिज…
View More अब्दुल मजीद ख़्वाजा : तालीम और आज़ादी के सिपाहीसैयद मीर निसार अली – आज़ादी के पहले जांबाज़
हिंदुस्तान की आज़ादी की जंग में सैयद मीर निसार अली, जिन्हें लोग टीपू मीर के नाम से जानते हैं, का अहम मुक़ाम है। 1782 में…
View More सैयद मीर निसार अली – आज़ादी के पहले जांबाज़अनीस बेगम किदवई : आज़ादी और इंसानियत की आवाज़
अनीस बेगम किदवई का नाम आज़ादी की लड़ाई और इंसानियत की सेवा, दोनों से जुड़ा हुआ है। 1906 में बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) में पैदा हुईं…
View More अनीस बेगम किदवई : आज़ादी और इंसानियत की आवाज़नवाब सैय्यद मोहम्मद – आज़ादी और इत्तेहाद के पैरोकार
नवाब सैय्यद मोहम्मद, मीर हमायूं बहादुर के बेटे और टीपू सुल्तान के ख़ानदान से ताल्लुक़ रखते थे। वे न सिर्फ़ अमीर मुसलमानों में शुमार थे,…
View More नवाब सैय्यद मोहम्मद – आज़ादी और इत्तेहाद के पैरोकारऔरतों का दस्ते बनाकर अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाली अज़ीज़न बाई
1857 की ग़दर की कहानी अज़ीज़न बाई के बिना अधूरी है। 1832 में लखनऊ में पैदा हुईं अज़ीज़न बाई ने नवाब शमशुद्दीन की शहादत के…
View More औरतों का दस्ते बनाकर अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाली अज़ीज़न बाईहिंदुस्तान की आज़ादी के पहले बेबाक सिपाही अज़ीमुल्ला ख़ान, जिन्होंने जंग-ए-आज़ादी 1857 की नींव रखी।
हिंदुस्तान की पहली जंग-ए-आज़ादी 1857 में कई ऐसे नाम उभरे जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत की बुनियाद हिला दी। उन्हीं में एक थे अज़ीमुल्ला ख़ान, जो अपनी…
View More हिंदुस्तान की आज़ादी के पहले बेबाक सिपाही अज़ीमुल्ला ख़ान, जिन्होंने जंग-ए-आज़ादी 1857 की नींव रखी।सुग़रा ख़ातून – जज़्बे और क़ुर्बानी की मिसाल
हिंदुस्तान की आज़ादी की तहरीक़ में महिलाओं ने बे-मिसाल क़ुर्बानियाँ दीं। इन्हीं में से एक नाम है सुग़रा ख़ातून का। बिहार के आज़ादी के जलसों…
View More सुग़रा ख़ातून – जज़्बे और क़ुर्बानी की मिसालमज़हरुल हक़ – बिहार की आवाज़ और आज़ादी का परचम
मौलाना मज़हरुल हक़ का नाम हिंदुस्तान की तहरीक-ए-आज़ादी में एक ऐसी शख़्सियत के तौर पर लिया जाता है, जिन्होंने इल्म, क़लम और क़ौमी जज़्बे से…
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अलीगढ़ के क़रीब क़िला भीकमपुर में पैदा हुई ज़ाहिदा ख़ातून शेरवानिया का ताल्लुक़ एक तालीमयाफ़्ता और रौशन-ख़याल ख़ानदान से था। उनके वालिद नवाब मोहम्मद मुज़म्मिल…
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