आज़ादी की जंग के बेबाक सिपाही – बदरूद्दीन तैयबजी

बदरूद्दीन तैयबजी का ख़ानदान अहमदाबाद से ताल्लुक़ रखता था। इल्म हासिल करने के बाद उन्होंने अलीगढ़ और इंग्लैंड से ऊँची तालीम पाई। साल 1883 में…

View More आज़ादी की जंग के बेबाक सिपाही – बदरूद्दीन तैयबजी
आज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़म

आज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़म

आबदी बानो बेग़म, जिन्हें बी अम्मा कहा जाता है, का जन्म 1852 में उत्तर प्रदेश के अमरोहा (मुरादाबाद) में हुआ। उस वक़्त औरतों के लिए…

View More आज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़म

ग़रीबों के मसीहा और आज़ादी के सिपाही – डॉ. मुख़्तार अंसारी

हिंदुस्तान की तहरीक-ए-आज़ादी में डॉ. मुख़्तार अंसारी का नाम सुनहरे हरफ़ों में लिखा जाता है। एक कामयाब सर्जन होने के बावजूद उन्होंने अपनी ज़िन्दगी का…

View More ग़रीबों के मसीहा और आज़ादी के सिपाही – डॉ. मुख़्तार अंसारी

आज़ादी की जंग की सिपाही – मुनीरा बेग़म

बिहार के पटना ज़िले की रहने वाली मुनीरा बेग़म ने हिन्दुस्तान की आज़ादी की जंग में अहम किरदार अदा किया। वो हज़रत मख़दूम साहब के…

View More आज़ादी की जंग की सिपाही – मुनीरा बेग़म

1857 की बग़ावत के बहादुर सिपाही – नवाब वलीदाद ख़ान

1857 की आज़ादी की जंग में नवाब वलीदाद ख़ान का किरदार बहुत अहम रहा। 26 जून 1857 को उन्होंने बादशाह बहादुरशाह ज़फ़र को ग़ाज़ियाबाद से…

View More 1857 की बग़ावत के बहादुर सिपाही – नवाब वलीदाद ख़ान
ऑकलैंड में प्रो-पैलेस्टाइन मार्च के दौरान नील फिन का परफ़ॉर्मेंस, गाज़ा के लिए गाया “Don’t Dream It’s Over”

ऑकलैंड में प्रो-पैलेस्टाइन मार्च के दौरान नील फिन का परफ़ॉर्मेंस, गाज़ा के लिए गाया “Don’t Dream It’s Over”

ऑकलैंड, 16 अगस्त 2025 – न्यूज़ीलैंड के मशहूर सिंगर और क्राउडेड हाउस (Crowded House) के लीडर नील फिन (Neil Finn) ने आज ऑकलैंड में हुए…

View More ऑकलैंड में प्रो-पैलेस्टाइन मार्च के दौरान नील फिन का परफ़ॉर्मेंस, गाज़ा के लिए गाया “Don’t Dream It’s Over”

गूजर ख़ानदान की बहादुर हबीबा, 1857 की जंग-ए-आज़ादी में बनी हिम्मत और कुर्बानी की मिसाल

हबीबा का जन्म 1833 में उत्तर प्रदेश के एक गांव में गूजर ख़ानदान में हुआ था। बचपन से ही उनमें हिम्मत और आत्म-एतबार नज़र आता…

View More गूजर ख़ानदान की बहादुर हबीबा, 1857 की जंग-ए-आज़ादी में बनी हिम्मत और कुर्बानी की मिसाल

वज़ीर अली ख़ान ऐसे सिपाही जिन्होंने 1857 से 58 साल पहले ही अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बग़ावत की जंग छेड़ी

वज़ीर अली ख़ान को हिन्दुस्तान में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ शुरुआती बग़ावत का बहादुर सिपाही माना जाता है। सन 1799 में, 1857 से 58 साल पहले,…

View More वज़ीर अली ख़ान ऐसे सिपाही जिन्होंने 1857 से 58 साल पहले ही अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बग़ावत की जंग छेड़ी

बेग़म माजदा बानो: आज़ादी की तहरीक की बेख़ौफ़ आवाज़

हैदराबाद में 1919 में पैदा हुईं बेग़म माजदा बानो ने बचपन से ही इल्म और अदब में गहरी दिलचस्पी ली। शादी के बाद भी उन्होंने…

View More बेग़म माजदा बानो: आज़ादी की तहरीक की बेख़ौफ़ आवाज़

मौलाना मंज़ूर अहमद एजाज़ी : 13 साल जेल में गुज़ारने वाले जंग-ए-आज़ादी के सिपाही

मुज़फ्फरपुर, बिहार – मुल्क की आज़ादी की लड़ाई में अहम किरदार निभाने वाले मौलाना मंज़ूर अहमद एजाज़ी का जन्म 1898 में क़स्बा दिहुली (मुज़फ्फरपुर, बिहार)…

View More मौलाना मंज़ूर अहमद एजाज़ी : 13 साल जेल में गुज़ारने वाले जंग-ए-आज़ादी के सिपाही