भारत की आज़ादी की लड़ाई में रज़िया ख़ातून का नाम उन महिलाओं में शुमार है जिन्होंने साहस और जज़्बे से अंग्रेज़ी हुकूमत को चुनौती दी।…
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बेगम कुलसुम सियानी : आज़ादी की जंग में औरतों की मज़बूत आवाज़
मुंबई/नई दिल्ली: भारत की आज़ादी की तहरीक में बेगम कुलसुम सियानी का नाम ख़ास अहमियत रखता है। 21 अक्टूबर 1900 को एक नामवर खानदान में…
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सिंध के शिकारपुर ज़िले में 1879 में जन्मे ग़ुलाम हुसैन हिदायतुल्लाह ने कराची और बम्बई से वकालत की पढ़ाई की। लेकिन अंग्रेज़ों की अदालतों में…
View More ग़ुलाम हुसैन हिदायतुल्लाह : इंसाफ़ और आज़ादी की जंग का सिपाहीफ़ातिमा इस्माइल : आज़ादी और समाजसेवा की सशक्त आवाज़
बंबई के मशहूर मेमन ख़ानदान में 4 फ़रवरी 1903 को जन्मी फ़ातिमा इस्माइल ने अपना जीवन देश और समाज की सेवा को समर्पित किया। सियासी…
View More फ़ातिमा इस्माइल : आज़ादी और समाजसेवा की सशक्त आवाज़अब्दुल मजीद ख़्वाजा : तालीम और आज़ादी के सिपाही
अलीगढ़ के ज़मींदार ख़ानदान में 1885 में जन्मे अब्दुल मजीद ख़्वाजा ने अपनी पूरी ज़िंदगी मुल्क की आज़ादी और तालीम के लिए समर्पित की। कैम्ब्रिज…
View More अब्दुल मजीद ख़्वाजा : तालीम और आज़ादी के सिपाहीसैयद मीर निसार अली – आज़ादी के पहले जांबाज़
हिंदुस्तान की आज़ादी की जंग में सैयद मीर निसार अली, जिन्हें लोग टीपू मीर के नाम से जानते हैं, का अहम मुक़ाम है। 1782 में…
View More सैयद मीर निसार अली – आज़ादी के पहले जांबाज़अनीस बेगम किदवई : आज़ादी और इंसानियत की आवाज़
अनीस बेगम किदवई का नाम आज़ादी की लड़ाई और इंसानियत की सेवा, दोनों से जुड़ा हुआ है। 1906 में बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) में पैदा हुईं…
View More अनीस बेगम किदवई : आज़ादी और इंसानियत की आवाज़नवाब सैय्यद मोहम्मद – आज़ादी और इत्तेहाद के पैरोकार
नवाब सैय्यद मोहम्मद, मीर हमायूं बहादुर के बेटे और टीपू सुल्तान के ख़ानदान से ताल्लुक़ रखते थे। वे न सिर्फ़ अमीर मुसलमानों में शुमार थे,…
View More नवाब सैय्यद मोहम्मद – आज़ादी और इत्तेहाद के पैरोकारऔरतों का दस्ते बनाकर अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाली अज़ीज़न बाई
1857 की ग़दर की कहानी अज़ीज़न बाई के बिना अधूरी है। 1832 में लखनऊ में पैदा हुईं अज़ीज़न बाई ने नवाब शमशुद्दीन की शहादत के…
View More औरतों का दस्ते बनाकर अंग्रेज़ों को चुनौती देने वाली अज़ीज़न बाईहिंदुस्तान की आज़ादी के पहले बेबाक सिपाही अज़ीमुल्ला ख़ान, जिन्होंने जंग-ए-आज़ादी 1857 की नींव रखी।
हिंदुस्तान की पहली जंग-ए-आज़ादी 1857 में कई ऐसे नाम उभरे जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत की बुनियाद हिला दी। उन्हीं में एक थे अज़ीमुल्ला ख़ान, जो अपनी…
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