आज़ादी की जद्दोजहद में रेहाना तैयबजी का योगदान

26 जनवरी 1900 को बड़ौदा (गुजरात) में पैदा हुईं रेहाना तैय्यबजी, मशहूर शख़्सियत अब्दुल क़य्यूम तैय्यबजी और अमीनी तैय्यबजी की बेटी थीं। बचपन से ही…

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आज़ादी की जंग के बेबाक सिपाही – बदरूद्दीन तैयबजी

बदरूद्दीन तैयबजी का ख़ानदान अहमदाबाद से ताल्लुक़ रखता था। इल्म हासिल करने के बाद उन्होंने अलीगढ़ और इंग्लैंड से ऊँची तालीम पाई। साल 1883 में…

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आज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़म

आज़ादी की जंग की बहादुर सिपाही – आबदी बानो बेग़म

आबदी बानो बेग़म, जिन्हें बी अम्मा कहा जाता है, का जन्म 1852 में उत्तर प्रदेश के अमरोहा (मुरादाबाद) में हुआ। उस वक़्त औरतों के लिए…

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ग़रीबों के मसीहा और आज़ादी के सिपाही – डॉ. मुख़्तार अंसारी

हिंदुस्तान की तहरीक-ए-आज़ादी में डॉ. मुख़्तार अंसारी का नाम सुनहरे हरफ़ों में लिखा जाता है। एक कामयाब सर्जन होने के बावजूद उन्होंने अपनी ज़िन्दगी का…

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आज़ादी की जंग की सिपाही – मुनीरा बेग़म

बिहार के पटना ज़िले की रहने वाली मुनीरा बेग़म ने हिन्दुस्तान की आज़ादी की जंग में अहम किरदार अदा किया। वो हज़रत मख़दूम साहब के…

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1857 की बग़ावत के बहादुर सिपाही – नवाब वलीदाद ख़ान

1857 की आज़ादी की जंग में नवाब वलीदाद ख़ान का किरदार बहुत अहम रहा। 26 जून 1857 को उन्होंने बादशाह बहादुरशाह ज़फ़र को ग़ाज़ियाबाद से…

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“जम्मू से कश्मीर घाटी तक: 1947 का सच और अधूरी कहानी”

सईद नकवी (सुविख्यात पत्रकार सईद नकवी की पुस्तक Being the others ; muslim in India का हिंदी अनुवाद “वतन में पराया : हिंदुस्तान में मुसलमान”…

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“15 अगस्त: जब गांधी के शब्द बदल गए और भारत बंट गया”

सईद नकवी विभाजन के विचार पर जवाहरलाल नेहरू शुरुआती एतराज और विरोध के बाद अंत तक कायल हो गए कि विभाजन के अलावा अन्य विकल्प…

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गूजर ख़ानदान की बहादुर हबीबा, 1857 की जंग-ए-आज़ादी में बनी हिम्मत और कुर्बानी की मिसाल

हबीबा का जन्म 1833 में उत्तर प्रदेश के एक गांव में गूजर ख़ानदान में हुआ था। बचपन से ही उनमें हिम्मत और आत्म-एतबार नज़र आता…

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वज़ीर अली ख़ान ऐसे सिपाही जिन्होंने 1857 से 58 साल पहले ही अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बग़ावत की जंग छेड़ी

वज़ीर अली ख़ान को हिन्दुस्तान में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ शुरुआती बग़ावत का बहादुर सिपाही माना जाता है। सन 1799 में, 1857 से 58 साल पहले,…

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